Edited By Urmila,Updated: 01 Nov, 2026 01:13 PM

देश प्रेस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान होकर यूनियन की ओर से बड़ा एक्शन कार्यक्रम तैयार किया गया है।
बधनीकलां (मनोज) : पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबे समय से लंबित कार्यालय कर्मचारियों की जायज मांगों को अनदेखा करने के विरोध में आज डीसी कार्यालय मोगा में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की एक अहम बैठक प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विरक और महासचिव तरसेम सिंह भट्ठल के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में सरकार के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। बैठक के दौरान लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए प्रदेश प्रेस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान होकर यूनियन की ओर से बड़ा एक्शन कार्यक्रम तैयार किया गया है। बैठक में साझा मोर्चे के साथ तालमेल, साझा तालमेल कमेटी, पंजाब मुलाजिम और पेंशनर्स साझा फ्रंट तथा साझा मुलाजिम मंच पंजाब की ओर से दिए गए संघर्ष के आह्वान को पूरी तरह सफल बनाने और कार्यालय कर्मचारियों की मांगों, जिनमें फील्ड और डायरेक्टोरेटों में तैनात क्लेरिकल कर्मचारियों की विशुद्ध विभागीय मांगें शामिल हैं, के लिए संघर्ष की अगली रूपरेखा तैयार की गई।
संघर्ष के अगले एक्शन प्लान के तहत 3 नवंबर को जिला स्तर पर गेट रैलियां और 4 नवंबर को जिला स्तर पर विशाल गेट रैलियां की जाएंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और पंजाब सरकार के मुख्य सचिव के पुतले फूंककर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बावजूद सरकार मांगों को पूरा नहीं करती तो 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों में पूर्ण रूप से कलम छोड़ो हड़ताल की जाएगी। इस दौरान कंप्यूटर बंद रखे जाएंगे और सरकारी कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह ठप किया जाएगा।
यूनियन नेताओं ने सभी प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रधानों, महासचिवों और विभागीय कमेटियों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि कर्मचारी एकता की ताकत दिखाते हुए इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि सरकार को जायज मांगें मानने के लिए मजबूर किया जा सके। इस मौके पर गुरनाम सिंह विरक, तरसेम सिंह भट्ठल, रघबीर सिंह बडवाल, तेजिंदर सिंह नंगल, गुरप्रीत सिंह खटड़ा, संगत राम, अमरप्रीत सिंह, प्रधान परमपाल सिंह मोगा, संदीप भुंबक लुधियाना, प्रधान कुलदीप सिंह मोगा, रविंदर सिंह और अमनजिंदर सिंह आदि उपस्थित थे।
बता दें कि इससे पहले भी 21 और 22 अक्टूबर को कर्मचारियों ने दो दिवसीय कलम छोड़ हड़ताल की थी। वहीं, पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने लगातार तीन दिन तक बसों का चक्का जाम रखा था। इन हड़तालों के चलते आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से अब तक वीकेंड की छुट्टियों को छोड़कर कुल 17 दिन सरकारी कामकाज हड़तालों की भेंट चढ़ चुका है।
जानिए, इस सप्ताह हड़ताल से कैसे प्रभावित होंगे सरकारी कामकाज
इस सप्ताह भी सरकारी दफ्तरों में कामकाज पर हड़ताल का असर देखने को मिलेगा। 2 नवंबर यानी सोमवार को ही लोगों को सरकारी सेवाएं सामान्य रूप से मिल पाएंगी। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को कर्मचारी सरकार के खिलाफ गेट रैली करेंगे और पुतले फूंककर विरोध जताएंगे। वहीं, 5 और 6 नवंबर को कर्मचारी कलम छोड़ो और कंप्यूटर बंद हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद 7 नवंबर को शनिवार और 8 नवंबर को रविवार की छुट्टी होने के कारण सरकारी कार्यालयों में लगातार कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है।
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