Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Jul, 2026 11:21 PM

विजिलैंस ब्यूरो पटियाला ने नायब तहसीलदार समाना के रीडर संजीव सभरवाल को 6,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना विजिलैंस ब्यूरो, पटियाला में संजीव सभरवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018)...
पटियाला/समाना (बलजिन्द्र, जोसन, अशोक): विजिलैंस ब्यूरो पटियाला ने नायब तहसीलदार समाना के रीडर संजीव सभरवाल को 6,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में थाना विजिलैंस ब्यूरो, पटियाला में संजीव सभरवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विजिलैंस ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई गुरप्रीत सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गांव ढैंठल, तहसील समाना, जिला पटियाला की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्त्ता ने बताया कि उसके भाई गुरचरण सिंह ने वर्ष 2021-22 में जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, लीला भवन, पटियाला से अपना मकान गिरवी रखकर अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए 11 लाख रुपए का ऋण लिया था।
इस ऋण की मासिक किस्त 14 हजार रुपए थी। पिछले लगभग 2 वर्षों से किस्तें नियमित रूप से जमा न होने के कारण नायब तहसीलदार-सह-कार्यकारी मजिस्ट्रेट, समाना के कार्यालय में सरफेसी अधिनियम, 2002 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
शिकायत के अनुसार, 4 जून 2026 को संबंधित कार्यालय ने संपत्ति पर कब्जा लेने की कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। 23 जून को आदेश की प्रति लेकर गुरप्रीत सिंह नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात रीडर संजीव सभरवाल से हुई।
आरोप है कि रीडर ने मामले को लंबित रखने के बदले 20 से 25 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्त्ता द्वारा असमर्थता जताने पर उसने कथित रूप से 6 जुलाई से पहले 6 हजार रुपए देने और शेष राशि बाद में देने को कहा।
विजिलैंस ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल (ट्रैप) बिछाया और संजीव सभरवाल को 6 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।