सावधान! शातिर हैकर्स नए-नए तरीकों से लोगों को बना रहे शिकार, कहीं फंस न जाएं आप

Edited By Kamini,Updated: 24 Nov, 2025 04:55 PM

hackers are using new methods to target people

जब से देश के सभी काम और डिपार्टमैंट ने खुद को ऑनलाइन करने की कोशिश शुरू की है, तब से बड़ी संख्या में साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं।

अमृतसर : जब से देश के सभी काम और डिपार्टमैंट ने खुद को ऑनलाइन करने की कोशिश शुरू की है, तब से बड़ी संख्या में साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने सभी डिपार्टमैंटों के काम को ऑनलाइन करने की कोशिश की है और इसमें बैंक वगैरह भी शामिल हैं, लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले इतने शातिर व चालाक हैं कि वे पढ़े-लिखे लोगों को भी झांसे में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि फ्रॉड के ऐसे मामले कई पुलिसवालों के साथ भी हो चुके हैं और वे भी हाथ मलते रह गए हैं।

पैसे ट्रांसफर को आसान बनाने के लिए बनाए गए थे ऐप्स

मोबाइल फोन के जरिए एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना आसान बनाने के लिए कई ऐप्स बनाए गए, लेकिन कुछ शातिर लोगों ने इस सिस्टम को फ्रॉड का टूल बना लिया। एक्सपर्ट्स ने लोगों को सुविधा देने के लिए मोबाइल फोन पर गूगल पे, फोन पे, पेटीएम और कई दूसरे ऑनलाइन ऐप बनाए थे, लेकिन अब इन्हीं ऐप को फ्रॉड करने वाले शरारती तत्वों ने अपना हथियार बना लिया है, जिससे वे कहीं भी बैठे-बैठे किसी के भी बैंक अकाउंट से कुछ ही मिनटों में पूरी रकम निकाल लेते हैं।

शातिर हैकर्स भोले-भाले लोगों से करते हैं ठगी

शातिर हैकर्स भोले-भाले लोगों को उनके मोबाइल फोन पर कई तरह की सुविधाएं देने का वादा करके ठगते हैं, या धमकी देते हैं कि आपका क्रेडिट कार्ड एक्सपायर हो रहा है, या सिम एक्सपायर होने की वजह से बंद हो रहा है और अगर आप इस नंबर का इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं तो आपको एक ओ.टी.पी नंबर मिलेगा, जिसे आपको हमारे साथ शेयर करना होगा। जब कोई व्यक्ति ओ.टी.पी नंबर हैकर के साथ शेयर करता है, तो उस व्यक्ति का अकाउंट कुछ ही मिनटों में खाली हो जाता है। अब ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें ओ.टी.पी नंबर शेयर किए बिना ही संबंधित व्यक्ति के बैंक अकाउंट से पूरी रकम निकाल ली गई हो।

इमोशनल ब्लैकमेल करने का निकाला नया तरीका

अब हैकर्स ने इमोशनल ब्लैकमेल करके फ्रॉड करने का नया तरीका निकाला है। इस बारे में मोहित कुमार का कहना है कि उनका इंस्टाग्राम हैकर्स ने हैक कर लिया और उन्होंने उनके कुछ जान-पहचान वालों को फोन करके डराना शुरू कर दिया कि किसी वजह से कनाडा में रहने वाले उनके बड़े भाई विनित का एक्सीडैंट हो गया है और उन्हें तुरंत 1 लाख रुपए की ज़रूरत है, जो वह उन्हें तुरंत भेजने के लिए एक नंबर दे दें, नहीं तो उनके साथ कुछ अनहौनी हो सकती है। मोहित ने डर के मारे कनाडा में रहने वाले अपने भाई विनित को फोन किया तो उसने बताया कि उसके साथ ऐसा कोई एक्सीडैंट नहीं हुआ है। ऐसे में उसके साथ लाखों रुपये की ठगी हो सकती थी। इस तरह इमोशनल ब्लैकमेल के और भी कई मामले सामने आ रहे हैं। हैकर्स अब लोगों को फोन पर धमकाकर उनसे पैसे मांग रहे हैं और फोन पर पैसे मांगकर उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं और फिर जब लोग अचानक डर जाते हैं और तुरंत पैसे भेज देते हैं, तो वे ठगी का शिकार हो जाते हैं।

लोगों को होना होगा जागरूक

अब लोगों को ऐसे मामलों के बारे में जागरूक होना होगा, तभी ऐसे मामलों पर रोक लगेगी। अगर किसी को किसी अनजान व्यक्ति का फोन आता है तो वह फोन को ध्यान से सुने और कोई भी ओ.टी.पी किसी के साथ शेयर न करे। किसी दूसरे बैंक या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर न करे। वरना अगर वह यह जानकारी हैकर के साथ शेयर करते हैं तो वह कभी भी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।

साइबर सेल में हाई-टेक, पढ़े-लिखे व एक्सपर्ट कर्मचारियों की टीम बनाई गई है : सी.पी. भुल्लर

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि उन्होंने इस काम के लिए खास तौर पर पढ़े-लिखे और एक्सपर्ट अधिकारियों की हाई-टेक टीम बनाई है। नई टीम काफी अलर्ट है और ऑनलाइन फ्रॉड के कई मामलों को सुलझा रही है। सबसे ज़रूरी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों की शिकायत दर्ज करने के लिए दो पोर्टल बनाए गए हैं। इनमें से एक हेल्पलाइन नंबर 1930, यू.एन.आर.सी.बी पोर्टल और दूसरा पोर्टल पी.जी.डी है, जिसे मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान ने जारी किया है। उन्होंने कहा कि विभाग को मिलने वाली किसी भी शिकायत की जानकारी तुरंत कमिश्नरेट पेज पर डाल दी जाती है। इसके अलावा हर दिन किसी न किसी केस पर अधिकारियों द्वारा किए गए काम की पूरी डिटेल कमिश्नरेट पुलिस पेज पर डाली जाती है, ताकि शिकायतकर्त्ता को उसके केस के बारे में पुलिस के रोज़ाना के कार्य की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि लोगों को भी ऐसे मामलों के बारे में जागरूक होना होगा। अगर किसी को किसी अनजान व्यक्ति का कॉल आता है, तो उसे ध्यान से सुनना चाहिए, ताकि कोई हैकर आपको इमोशनल ब्लैकमेल न कर सके। अगर किसी के मोबाइल पर कोई ओ.टी.पी आता है, तो सबसे पहले तो उसे उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए और दूसरा वह ओ.टी.पी नंबर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अलग से बनाया गया साइबर सेल कई नई टैक्नोलॉजी अपना रहा है, जिससे आन लाईन प्राड केस कम समय में सॉल्व हो रहे हैं और ठगी के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। अगर ऐसा कोई फ्रॉड होता है, तो उनकी तुरंत मदद की जानी चाहिए।

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