Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Apr, 2025 05:33 PM

विशेष अदालत ने साल 2018 में एक नौजवान को अगवा करके क़त्ल करने के आरोप में एक मुल्ज़िम को 20 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है, जबकि दूसरे मुल्ज़िम का केस अभी विचाराधीन है। दोनों मुल्ज़िम मृतक के दोस्त बताए जाते हैं।
बठिंडा (वर्मा) : विशेष अदालत ने साल 2018 में एक नौजवान को अगवा करके क़त्ल करने के आरोप में एक मुल्ज़िम को 20 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है, जबकि दूसरे मुल्ज़िम का केस अभी विचाराधीन है। दोनों मुल्ज़िम मृतक के दोस्त बताए जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, रामपुरा फूल के रहने वाले खुशात कुमार को दो व्यक्तियों ने अगवा कर लिया और उसके पिता से 2 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। शिकायतकर्ता विवेक कुमार ने पुलिस को बताया था कि 20 नवंबर 2018 को किसी ने उनके बेटे को अगवा कर 2 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। जब उन्होंने इतने पैसे देने में असमर्थता जताई तो उन्होंने रकम घटा दी और उक्त रकम को ट्रेन और बाद में बठिंडा से चलने वाली बस में रखने के लिए कहा। इस दौरान पुलिस ने उक्त बस से दो युवकों को पकड़ लिया, जिनमें हरश कुमार निवासी लुधियाना और जसप्रीत सिंह निवासी करड़ावाला शामिल थे। पुलिस ने जब मुल्ज़िमों से पूछताछ की तो वे खुशात कुमार के दोस्त निकले। उसने पुलिस को बताया कि वह उसे फोटो करवाने के लिए घर से फूल बीड़ ले गया था और फिर उसका क़त्ल कर दिया। पुलिस ने खुशात के पिता के बयानों के आधार पर मुल्ज़िम के खिलाफ क़त्ल का केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में अब विशेष अदालत ने दोषी हरश कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है, जबकि दूसरे मुल्ज़िम जसप्रीत के केस की सुनवाई अभी अदालत में चल रही है।