ब्यास नदी ने धारण किया विकराल रूप, किसानों के लिए खड़ी हुई बड़ी मुश्किलें

Edited By Kamini,Updated: 09 Sep, 2025 03:21 PM

floods have become a problem for farmers

ब्यास नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो अगले साल तक हमारे पास कुछ भी नहीं बचेगा।"

बटाला (गोराया): गुरदासपुर जिले की बटाला तहसील के बहादुरपुर जोया गांव में ब्यास नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले कुछ हफ़्तों से नदी अपना रुख बदलकर सीधे गांव के खेतों की ओर बह रही है। इससे रोजाना लगभग 4 से 5 एकड़ उपजाऊ कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। गांव के किसानों का कहना है कि सालों की मेहनत से तैयार की गई जमीन पानी में डूब रही है। किसान अमरीक सिंह ने कहा, "हमारे पास 6 एकड़ जमीन थी। पिछले 2 हफ्तों में 2 एकड़ जमीन नदी खा गई। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो अगले साल तक हमारे पास कुछ भी नहीं बचेगा।"

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एक अन्य ग्रामीण बलकार सिंह ने कहा, "नदी हमारे घर के पास पहुंच गई है। मुझे डर है कि हमारा घर पानी में डूब जाएगा। हम रातों को चैन से सो नहीं पा रहे हैं।" इसी तरह रणजीत सिंह, अमरीक सिंह, दिलबाग सिंह, दीदार सिंह और जोगिंदर सिंह की जमीनें भी नदी में बह गई हैं। ग्रामीणों का मानना ​​है कि अगर नदी का बहाव तुरंत नहीं रोका गया, तो हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में बह सकती है। इससे सैकड़ों परिवार बेघर हो सकते हैं और गांव की अर्थव्यवस्था चौपट हो सकती है।

ग्रामीणों और सरपंच कैप्टन कुलविंदर सिंह ने सरकार और प्रशासन से नदी के बहाव को दूसरी तरफ मोड़ने के लिए तुरंत अस्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि मजबूत तटबंधों की ज़रूरत है ताकि खेती योग्य ज़मीन और गाँव दोनों को बचाया जा सके। इस मौके पर कैप्टन कुलविंदर सिंह, कैप्टन नौ निहाल सिंह, मास्टर सतनाम सिंह, दिलबाग सिंह अमरीक सिंह, दीदार सिंह, बलकार सिंह आदि मौजूद थे।

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