Edited By Urmila,Updated: 08 Feb, 2026 02:22 PM

पंजाब के गांवों में पंचायत की कुछ जमीन कूड़ा डंपिंग के लिए दी जाती है। ऐसी ही गांव तिब्बड़ की 2 मरला कूड़ा डंपिंग साइट का कब्ज़ा डेविड मसीह को पुलिस की ओर से 20 जनवरी को दिलाया गया था।
दीनानगर (हरजिंदर सिंह गोराया) : पंजाब के गांवों में पंचायत की कुछ जमीन कूड़ा डंपिंग के लिए दी जाती है। ऐसी ही गांव तिब्बड़ की 2 मरला कूड़ा डंपिंग साइट का कब्ज़ा डेविड मसीह को पुलिस की ओर से 20 जनवरी को दिलाया गया था। उस समय पुलिस की मदद से JCB मंगवाकर साइट पर हुए कंस्ट्रक्शन को भी गिरा दिया गया था, लेकिन बीते दिन जब डेविड मसीह ने इस ज़मीन पर चारदीवारी बनाने की कोशिश की, तो गांव के कुछ लोग, जिसमें मौजूदा कांग्रेस सरपंच का पति भी शामिल था, मौके पर पहुंच गए।
डेविड मसीह के परिवार का आरोप है कि ये लोग इस ज़मीन पर गैर-कानूनी कब्ज़ा करके दुकानें बनाना चाहते थे। इसी दौरान हाथापाई हो गई और हाथापाई के दौरान 60 साल के डेविड मसीह की मौत हो गई। हालांकि यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि डेविड मसीह की मौत लड़ाई के दौरान लगी चोटों से हुई या उसे हार्ट अटैक आया। पुलिस ने सरपंच के पति सुरिंदर कुमार और गांव के कुल 9 लोगों के खिलाफ धारा 304 (गैरइरादतन हत्या), क्रिमिनल साज़िश की धारा 120B और कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद इन धाराओं में बदलाव हो सकता है।
मृतक डेविड मसीह के बेटे सचिन मसीह और उसकी रिश्तेदार बशीरा का आरोप है कि मौजूदा सरपंच के पति और बाकी लोग लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे थे और उनका इरादा जान से मारने का था। उनका यह भी कहना है कि लड़ाई के दौरान डेविड मसीह की छाती पर मुक्का मारा गया जिससे वह ज़मीन पर गिर गया और इसी वजह से उसकी मौत हुई। उनकी मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
इस बीच, तिबड़ थाने की SHO किरणप्रीत कौर का कहना है कि फिलहाल केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में 7 आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके नाम भी दर्ज कर लिए गए हैं, जबकि दो अज्ञात लोगों के नाम भी FIR में शामिल किए गए हैं।
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