पंजाब में नदियां उफान पर, इन इलाकों में भरा पानी, जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 18 Aug, 2025 12:17 AM

due to cloudburst in the mountains rivers are in spate

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ मैदानी इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बमियाल (हरजिंदर सिंह गोराया): हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ मैदानी इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने के कारण इस समय नदियां उफान पर बह रही हैं। कल भी जम्मू-कश्मीर में बादल फटने के बाद जलालिया नदी एक बार फिर उफान पर आ गई और इसके कारण यह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण कस्बा बमियाल, गांव मस्तपुर, रामकलवां, मनवाल, मंगवाल, काशी बरमा, जैतपुर, झडोली, ब्लॉक नारनौत जैमल सिंह और बीएसएफ पोस्ट की ओर मुड़ गई।

इसके चलते उक्त गांवों के लोगों के घर, खेत, सड़कें और बीएसएफ चौकियां पूरी तरह डूब गईं और लगभग 4-5 फुट पानी भर जाने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा तथा उनका सामान भी नष्ट हो गया। इतना ही नहीं, विभिन्न गांवों में पानी का स्तर बढ़ने से लोगों को आने-जाने में भी परेशानी झेलनी पड़ी।

इस मौके पर जब जलालिया नदी में बाढ़ आने और विभिन्न गांवों में कई फुट पानी भरने की सूचना मिली, तो पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क विभिन्न अधिकारियों, आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। पानी ज्यादा होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाए, जिस वजह से कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क पैदल ही लोगों के घरों, खेतों और बीएसएफ चौकियों तक पहुंचे और पानी से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा लोगों का हालचाल पूछा।

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क ने ट्रैक्टर पर बैठकर विभिन्न गांवों का दौरा भी किया और गांवों में घुसे बाढ़ के पानी से भारी नुकसान झेल रहे लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों की एक-एक इंच जमीन भी पानी में डूब गई है, उनकी रिपोर्ट तैयार की जाए और उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि सरहदी क्षेत्र में बहने वाली जलालिया नदी और उज नदी के ओवरफ्लो होने से सीमा क्षेत्र के 7-8 गांव प्रभावित हुए हैं। लोगों की फसलें खराब हुई हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने पहले ही उज नदी के किनारे बांध बना दिए थे, जिससे गांवों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।

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