Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Apr, 2025 07:51 PM

नशे के खिलाफ युद्ध को आगे बढ़ाते हुए, कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने नगर निगम जालंधर के तालमेल से आज सरकारी जमीन पर बने एक अवैध ढांचे को ध्वस्त किया, जिसे कथित तौर पर नशे के पदार्थों की कमाई से बनाया गया था।
जालंधर : नशे के खिलाफ युद्ध को आगे बढ़ाते हुए, कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने नगर निगम जालंधर के तालमेल से आज सरकारी जमीन पर बने एक अवैध ढांचे को ध्वस्त किया, जिसे कथित तौर पर नशे के पदार्थों की कमाई से बनाया गया था।
रामा मंडी इलाके में स्थित इस कब्जे को नशे के पदार्थों के व्यापार से जुड़े अवैध ढांचे को समाप्त करने के लिए "नशे के खिलाफ युद्ध" पहल के तहत की जा रही कार्यवाही के हिस्से के रूप में ध्वस्त किया गया।
इस बारे जानकारी देते पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम को नशा तस्कर, राजन उर्फ़ नाजर पुत्र दीपक अरोड़ा निवासी बाबा बुढा जी नगर, जालंधर, जो इस समय जेल में बंद है, द्वारा सरकारी जमीन पर एक अवैध निर्माण के बारे में जानकारी मिली थी। उन्होंने आगे कहा कि यह संपत्ति कथित तौर पर उसकी अवैध नशे के पदार्थों के व्यापार से प्राप्त आय का उपयोग करके बनाई गई थी। जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, नगर निगम और पुलिस टीमों ने कार्यवाही की और कब्जे वाले ढांचे को ध्वस्त किया, जिससे एक मजबूत संदेश गया कि जालंधर शहर में नशे के पदार्थों से संबंधित गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा।
आगे बताते हुए, उन्होंने कहा कि आरोपी एक आदतन अपराधी था, जिसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, एक्साइज एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत कुल 09 मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई नशे के पदार्थों के तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को समाप्त करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम की पहचान करती है।

