PRTC डिपो में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़! 20 हजार लेते कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 06 Apr, 2026 09:58 PM

bribery racket busted at prtc depot

बठिंडा के पीआरटीसी डिपो में लंबे समय से चल रहे कथित रिश्वतखोरी के खेल पर विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंडक्टर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद डिपो में हड़कंप मच गया है और कई कर्मचारियों...

बठिंडा (विजय वर्मा) : बठिंडा के पीआरटीसी डिपो में लंबे समय से चल रहे कथित रिश्वतखोरी के खेल पर विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंडक्टर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद डिपो में हड़कंप मच गया है और कई कर्मचारियों पर जांच की तलवार लटक गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो डिपो में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर तैनात था। आरोप है कि वह ड्राइवरों को मनचाहा रूट दिलाने के बदले पैसे की मांग करता था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीआरटीसी के ड्राइवर सुखराज सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डिपो के कुछ कर्मचारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और अच्छे रूट देने के बदले मोटी रकम मांगते हैं। सुखराज सिंह ने विशेष तौर पर कंडक्टर नरेंद्र सिंह पर 20 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। विजिलेंस का ट्रैप, मौके पर गिरफ्तारी विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा की टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप लगाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ काबू कर लिया। 

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच में और नाम आने के संकेत विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लग रहा। कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में और खुलासे तथा गिरफ्तारियां संभव हैं। कर्मचारियों में डर बना हुआ है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

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