Edited By Urmila,Updated: 30 Aug, 2025 10:13 AM

आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन या नवीनीकरण कराने वालों के लिए बड़ा अलर्ट है। दरअसल फर्जी डोप टैस्ट की रिपोर्ट लगा कर आर्म लाइसैंस अप्लाई करने वाले या रिन्यू करवाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर है।
लुधियाना (गौतम) : आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन या नवीनीकरण कराने वालों के लिए बड़ा अलर्ट है। दरअसल फर्जी डोप टैस्ट की रिपोर्ट लगा कर आर्म लाइसैंस अप्लाई करने वाले या रिन्यू करवाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर है। इस मामले को लेकर पुलिस द्वारा वीरवार को भी 2 सगे भाइयों सहित 3 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। अभी तक पुलिस दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
ए.सी.पी. लाइसैंसिंग राजेश शर्मा की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-5 में 3 लोगों के खिलाफ पुलिस विभाग को गलत जानकारी देकर गुमराह करने, गलत दस्तावेज बनाकर जालसाजी करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली दस्तावेजों के स्थान पर प्रयोग करने, नकली मोहरें बनाकर उनका प्रयोग करने, धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने संतोख नगर के रहने वाले सचदेव सिंह धालीवाल पुत्र लाल सिंह उर्फ सतविंदर सिंह, नयू शिवपुरी सेखेवाल रोड के रहने वाले संजीव मलिक पुत्र रामजी दास व उसके भाई मुनीष मलिक के खिलाफ कार्रवाई की है।
ए.सी.पी. लाइसैंसिंग ने बताया कि उक्त आरोपी सचदेव सिंह ने मई 2025 में अपना लाइसैंस बनावाने के लिए फाइल जमा करवाई थी और आरोपी का लाइसैंस बन गया लेकिन पुलिस विभाग द्वारा दस्तावेजों की क्रॉस चैकिंग के दौरान पता चला कि उक्त आरोपी की तरफ से डोप टैस्ट की रिपोर्ट फर्जी लगाई गई है जिस पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर विभाग को उसका लाइसैंस रद्द करने के लिए लिख कर भेजा गया है। आरोपी संजीव मलिक ने अपने आर्म्स लाइसैंस पर दूसरा असला दर्ज करवाने के लिए अप्लाई किया था और विभाग को फाइल के साथ डोप टैस्ट की रिपोर्ट पेश की लेकिन जांच के दौरान रिपोर्ट फर्जी निकली।
तीसरे आरोपी मुनीष मलिक द्वारा भी आर्म्स लाइसैंस अप्लाई किया गया और उसने भी फर्जी डोप टैस्ट की रिपोर्ट लगाई हुई थी। आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर उनके खिलाफ अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आरोपियों को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।
फर्जी रिपोर्ट बनाने वालों पर पैनी नजर, जल्द काबू होगा गिरोह : पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि नशों के विरुद्ध चल रही मुहिम को लेकर ही उक्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को पता चला था कि कुछ लोग आर्म्स लाइसैंस अप्लाई करने के समय या लाइसैंस रिन्यू करवाने के लिए अप्लाई करने के लिए फर्जी डोप टैस्ट की रिपोर्ट लगाते हैं जिसके चलते ही विभाग द्वारा फाइलों को लेकर क्रॉस चैकिंग की जा रही है । इसके लिए सिविल अस्पताल के अधिकारियों को लिख कर भेजा जा रहा है। कुछ डोप टैस्ट्स की रिपोर्ट का रिकार्ड भी सिविल अस्पताल में मौजूद नहीं मिला। जांच के दौरान पता चला कि इन लोगों द्वारा फर्जी रिपोर्ट्स तैयार की गई है जिसके लिए फर्जी मोहरें, हस्ताक्षर व अन्य फर्जी तरीके अपनाए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे गिरोह सक्रिय है जो मोटी रकम लेकर नशा करने वाले लोगों के फर्जी सर्टीफिकेट तैयार कर दे रहा है। पुलिस द्वारा इन लोगों को भी चिन्हित कर लिया गया है जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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