Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Feb, 2026 05:35 PM

बठिंडा में सरकारी दफ्तरों से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब होने और नष्ट होने की रहस्यमयी घटनाओं की कड़ी लगातार लंबी होती जा रही है। नगर निगम दफ्तर के रिकॉर्ड रूम में संदिग्ध आग लगने और अहम दस्तावेज जलने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब खेतीबाड़ी एवं...
बठिंडा (विजय वर्मा) : बठिंडा में सरकारी दफ्तरों से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब होने और नष्ट होने की रहस्यमयी घटनाओं की कड़ी लगातार लंबी होती जा रही है। नगर निगम दफ्तर के रिकॉर्ड रूम में संदिग्ध आग लगने और अहम दस्तावेज जलने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब खेतीबाड़ी एवं किसान भलाई विभाग के मुख्य दफ्तर से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस संबंध में विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह ने थाना कैनाल कॉलोनी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 19 जनवरी को हुई चोरी, अब जाकर हुआ खुलासा शिकायत में बताया गया है कि 19 जनवरी 2026 को खेतीबाड़ी विभाग के मुख्य कार्यालय से विभागीय रिकॉर्ड चोरी हो गया। चोरी हुआ रिकॉर्ड विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, जिससे जुड़े कई विभागीय मामलों और योजनाओं की फाइलें शामिल थीं।
सूत्रों के अनुसार, यह रिकॉर्ड किसी बड़े घोटाले या विभागीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों और सबूतों को मिटाने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। अंदरूनी मिलीभगत की आशंका जानकार सूत्रों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड का अचानक गायब होना किसी बाहरी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। बिना विभागीय कर्मचारियों या अधिकारियों की संलिप्तता के इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना लगभग असंभव माना जा रहा है। पुलिस भी इस एंगल से जांच कर रही है कि रिकॉर्ड चोरी के पीछे विभाग के भीतर से ही कोई हाथ तो नहीं है।
नगर निगम रिकॉर्ड रूम आग मामला भी संदिग्ध
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नगर निगम बठिंडा के रिकॉर्ड रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। बताया गया था कि जले हुए रिकॉर्ड में कई ऐसे मामले शामिल थे, जिनकी जांच विजिलेंस ब्यूरो और स्थानीय निकाय विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर की जा रही थी। जांच अधिकारी निगम अधिकारियों से संबंधित रिकॉर्ड तलब कर चुके थे, लेकिन उससे पहले ही रिकॉर्ड विजिलेंस को सौंपा नहीं जा सका और रिकॉर्ड रूम में आग लग गई। इस घटना को भी पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू की थी। सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा पर बड़ा सवाल लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सरकारी दफ्तरों में रिकॉर्ड की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिकॉर्ड जलने और चोरी होने की घटनाएं क्या केवल संयोग हैं या फिर किसी बड़े घोटाले को दबाने की साजिश—यह सवाल अब आम जनता और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।