Edited By Vatika,Updated: 02 Jan, 2026 04:17 PM

बठिंडा के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की अदला-बदली के
बठिंडा (विजय वर्मा): बठिंडा के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की अदला-बदली के गंभीर आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब दो माह पहले सामने आए इस मामले में अब पुलिस ने ठोस कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार, सच्चाई सामने लाने के लिए परिवार को सौंपी गई नवजात बच्ची और उसके कथित माता-पिता का डीएनए परीक्षण करवाया जाएगा, जो कल बठिंडा के सिविल अस्पताल में किया जाएगा।
यह मामला शहर के स्टेडियम रोड के समीप स्थित सिटी अस्पताल से जुड़ा है, जहां हरियाणा के जोगेवाला गांव निवासी शिवराज सिंह की पत्नी जीतू कौर ने 13 अक्टूबर 2025 को प्रसव के दौरान एक बच्चे को जन्म दिया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल की महिला डॉक्टर ने उन्हें बच्चे के जन्म के तुरंत बाद बताया था कि बेटा हुआ है। हालांकि, कुछ ही समय बाद बच्चे की हालत बिगड़ने की बात कहकर उसे रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, नवजात को इलाज के लिए बजाज अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें बड़ा झटका लगा। परिवार का कहना है कि सिटी अस्पताल में रेफर करते समय भरे गए दस्तावेजों में बच्चे का लिंग लड़का दर्ज था, जबकि बजाज अस्पताल में तैयार किए गए रिकॉर्ड में बच्चे को लड़की बताया गया। इतना ही नहीं, दोनों अस्पतालों के रिकॉर्ड में बच्चे के वजन को लेकर भी अंतर पाया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया।
शिवराज सिंह ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने लालच में आकर उनके नवजात बेटे की अदला-बदली कर दी। इसी संदेह के आधार पर उन्होंने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर पुलिस ने जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच जरूरी है। इसी कड़ी में अब परिवार को सौंपी गई बच्ची और माता-पिता के डीएनए सैंपल लेकर परीक्षण करवाया जाएगा। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची वास्तव में उसी परिवार की है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और यदि आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरा शहर इस मामले में डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे दो माह से उठ रहे सवालों पर विराम लग सके।