डिच मशीन के कारण मेयर व कमिश्नर में ‘कोल्ड-वार’ शुरू

Edited By swetha,Updated: 24 Sep, 2019 09:30 AM

cold war  started in mayor and commissioner due to ditch machine

मॉडल टाऊन श्मशानघाट डम्प का नहीं निकला हल

जालंधर(खुराना): नगर निगम के मेयर जगदीश राजा व निगम कमिश्नर दीपर्व लाकड़ा के बीच चाहे रिश्ते सामान्य से हैं, न ज्यादा तल्ख और न ही ज्यादा मधुर, परंतु फिर भी कई बार ऐसे मौके आते हैं जब मेयर व कमिश्नर के बीच ‘कोल्ड-वार’ शुरू हो जाती है। इस बार निगम की डिच मशीन इस ‘कोल्ड-वार’ का कारण दिख रही है, जिसकी शुरूआत पटेल अस्पताल प्रकरण से हुई थी। 

गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले नगर निगम की डिच मशीन ने पटेल अस्पताल के पीछे पड़ती विवादित जगह पर मलबा हटाने का काम शुरू किया ही था कि वहां विरोध शुरू हो गया। पुलिस डिच मशीन के चालक को पकड़ कर थाने ले गई। जब पुलिस ने चालक से परमिशन पूछी तो वह नहीं दिखा पाया। जब कमिश्नर को फोन किया गया तो उन्होंने पुलिस को बताया कि डिच निगम ने नहीं भेजी है। ऐसे में पुलिस ने डिच चालक पर केस दर्ज कर दिया, परंतु मेयर ने यह कह कर मामले को पलट दिया कि डिच मशीन उनके कहने पर गई थी। केस दर्ज करना है तो डिच चालक पर नहीं मेयर पर किया जाए। निगम यूनियनें भी इस मामले में कूद पड़ीं, परंतु तब दोनों-तीनों पक्ष कुछ देर की तनातनी के बाद शांत हो गए।उस प्रकरण के बाद निगम कमिश्नर ने लिखित आदेश जारी कर दिए कि निगम का कोई भी विभाग कहीं भी डिच मशीन भेजने से पहले कमिश्नर की लिखित अनुमति लेगा। इन आदेशों के चलते पार्षदों तक को दिक्कत आने लगी, जो निचले स्तर के अधिकारियों पर दबाव डाल कर डिच मंगवा लेते थे। 


इसकी जानकारी जब मेयर को मिली तो उन्होंने इस मामले में निगम कमिश्नर से बात की और साफ शब्दों में कहा कि डिमोलेशन आदि के लिए कहीं भी डिच मशीन भेजने से पहले मेयर की अनुमति अवश्य ली जाए। कहा जाता है कि कमिश्नर ने फिलहाल मेयर की इस बात को मान लिया है, परंतु अभी भी कमिश्नर के पहले आर्डर निगम में लागू हैं, इसलिए आने वाले दिनों में अगर डिच मशीन भेजने के अधिकार को लेकर मेयर व कमिश्नर में कोई तनातनी होती है तो आश्चर्य की बात नहीं होगी।

मॉडल टाऊन श्मशानघाट डम्प का नहीं निकला हल 
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पार्षद तथा कभी मेयर पद के उम्मीदवार रहे बलराज ठाकुर ने 19 अगस्त को मॉडल टाऊन श्मशानघाट के सामने पड़ते कूड़े के डम्प पर धरना देकर इसे शिफ्ट करने की मांग की थी। उस धरने में कांग्रेस पार्षद हरशरण कौर हैप्पी, अरुणा अरोड़ा, डा. जसलीन सेठी व रोहन सहगल आदि भी शामिल हुए थे और कैंट क्षेत्र से विधायक परगट सिंह ने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए निगम कमिश्नर को सात दिनों के भीतर कूड़े का डम्प शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। 

इस धरने प्रदर्शन को एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, परंतु बलराज ठाकुर सहित सभी कांग्रेस वार्डों का कूड़ा मॉडल टाऊन श्मशानघाट के सामने वाले डम्प पर ही आ रहा है और सारा दिन वहां सड़क पर ही कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। मेयर जगदीश राजा ने आज बताया कि कल रविवार को वह मॉडल टाऊन श्मशानघाट में एक अंतिम संस्कार के सिलसिले में गए और दोपहर को ही वहां सड़क पर कूड़े के ढेर लगे थे। डम्प का कमरा खाली था और बाहर निगम की मशीनरी खड़ी थी। कोई कर्मचारी वहां नहीं था और रेहड़ों पर कूड़ा दोपहर को भी आ रहा था।
मेयर ने कहा कि इस मामले में कमिश्नर को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी गई है कि श्मशानघाट डम्प मामले में निगम ने अब तक क्या किया है? 

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