बाढ़ के बीच फंसा दूल्हा, मौके पर पहुंची Army... फिर जाने क्या बने हालात

Edited By Kamini,Updated: 05 Sep, 2025 03:20 PM

the groom got stuck in the flood

चारों तरफ 5-5 फुट तक पानी भर आया था। परिवार को चिंता हो गई कि बेटे का विवाह कैसे होगा?

गुरदासपुर (गुरप्रीत सिंह): गुरदासपुर में अगले दिन सुबह युवक का विवाह था, लेकिन गांव में एक बार फिर से रावी नदी का पानी चढ़ना शुरू हो गया। चारों तरफ 5-5 फुट तक पानी भर आया था। परिवार को चिंता हो गई कि बेटे का विवाह कैसे होगा? बारात गांव से कैसे जाएगी? इसी बीच पास के गांव आलेचक्क से अपनी ही यूनिट के रिटायर्ड सूबेदार गुरप्रीत सिंह की मदद से अपनी गतिविधियां चला रही आर्मी की 270 इंजीनियर रेजीमेंट के जवानों को जैसे ही इसकी सूचना मिली वे तुरंत गांव चौतरा पहुंचे।

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आर्मी के जवानों ने दूल्हे समेत उसके 10 रिश्तेदारों को गांव से निकालकर पैलेस तक पहुंचाया ताकि उसका विवाह न रुके। इतना ही नहीं बीती रात भी इन्हीं जवानों ने गांव चौंतरा के 2 व्यक्तियों को, जो नॉमनी नाले के तेज बहाव में बह गए थे, मौत के मुंह से निकालकर रात 11:30 बजे सुरक्षित गांव ठाकुरपुर और सुबह उनके गांव चौंतरा तक पहुंचाया। यह वही टीम है जिसने जवाहर नवोदय विद्यालय में फंसे 400 विद्यार्थियों में से 130 का रेस्क्यू किया था। 270 इंजीनियर रेजीमेंट अब तक 600 से अधिक लोगों का रेस्क्यू कर चुकी है।

26 अगस्त से यह रेजीमेंट गांव आलेचक्क में डेरा जमाए हुए है। रेजीमेंट के रिटायर्ड सूबेदार गुरप्रीत सिंह ने इन्हें ठहरने के लिए अपनी इमारत दी हुई है। इनके लंगर-पानी की जिम्मेदारी भी उन्होंने खुद उठाई है और गुरप्रीत सिंह इनके साथ रेस्क्यू पर भी जाते हैं। दूसरी ओर ये जवान गांव आलेंचक के निवासियों द्वारा तैयार किया गया लंगर प्रसाद, राशन, चोकर और दवाइयां लेकर भी राहत कार्य के लिए दूर-दराज तक पहुंचते हैं।

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