Edited By Sunita sarangal,Updated: 28 Aug, 2026 02:21 PM

दरअसल हरियाणा की बालद, नवांनगर और मड़ांवाला नदियों में भारी मात्रा में यह रसायनयुक्त कचरा फेंके जाने की बात सामने आई है।
रूपनगर(विजय): हिमाचल प्रदेश की फैक्ट्रियों से निकलने वाले कथित जहरीले और औद्योगिक कचरे, एसिड, दवाइयों तथा टीकों के नदियों में बहाए जाने के मामले में अब जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।
हलका विधायक दिनेश चड्ढा द्वारा स्थिति का जायजा लेने और संबंधित अधिकारियों के समक्ष कड़ा रुख अपनाने के बाद रूपनगर पुलिस ने हरियाणा के 11 कबाड़ियों को नोटिस जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से नदियों में कचरा फेंकने वाले मुख्य स्रोतों और डंपिंग गतिविधियों से पर्दा उठाने में मदद मिलेगी।
दरअसल हरियाणा की बालद, नवांनगर और मड़ांवाला नदियों में भारी मात्रा में यह रसायनयुक्त कचरा फेंके जाने की बात सामने आई है। इस बात की गहरी आशंका है कि यह विषैला कचरा सरसा नदी से होते हुए सीधे सतलुज दरिया तक पहुंच सकता है। चूंकि सतलुज के पानी का उपयोग पंजाब के लोग सिंचाई और दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं, इसलिए राज्य में स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विधायक दिनेश चड्ढा ने साफ किया है कि पंजाब के अमूल्य जल संसाधनों को दूषित करने की किसी भी कोशिश को सहन नहीं किया जाएगा और यह मामला केवल बयानों तक सीमित न रहकर ठोस कार्रवाई तक पहुंचेगा। उनके हस्तक्षेप के बाद अब नदियों से कचरा हटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
इसके साथ ही पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के समकक्ष बोर्डों को पत्र लिखकर इस मामले में संयुक्त जांच और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 11 कबाड़ियों को मिले नोटिस और सफाई कार्य की शुरुआत को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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