Edited By Kalash,Updated: 03 Apr, 2025 07:30 PM

पंजाब सरकार आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के तहत अनुसूचित जातियों और दिव्यांगजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के तहत अनुसूचित जातियों और दिव्यांगजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अनुसूचित जातियों और दिव्यांग व्यक्तियों के 522 लाभार्थियों को 9.14 करोड़ रुपये की राशि ऋण के रूप में जारी की गई है, जिसमें 1.46 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी शामिल है। यह जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सामाजिक रूप से पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले लोगों को शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जातियों और दिव्यांगजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उन्हें स्वयं-रोज़गार और उच्च शिक्षा के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण प्रदान कर रहा है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत 18 से 55 वर्ष तक का कोई भी अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति, जिसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो, स्वयं-रोज़गार या उच्च शिक्षा के लिए ऋण ले सकता है। इसी प्रकार, 18 से 60 वर्ष तक का कोई भी दिव्यांग व्यक्ति, जो 40% या उससे अधिक दिव्यांग हो, चाहे वह किसी भी जाति से संबंधित हो, वह भी यह ऋण प्राप्त कर सकता है। डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्रोत्साहित करने के लिए नए प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें रोज़गार और शिक्षा के समान अवसर मिल सकें।
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