बरनाला में ट्यूबवेल के श्रेय की सियासत तेज: पानी आया तो हर दल ने खुद को बताया 'मसीहा'

Edited By Kalash,Updated: 14 Jul, 2026 11:52 AM

politics of tube well credit intensifies in barnala

शहर के शहीद भगत सिंह पार्क स्थित लंबे समय से बंद पड़े ट्यूबवेल के दोबारा चालू होने से वार्ड नंबर 29 और 41 के लोगों को पेयजल संकट से राहत तो मिल गई है

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): शहर के शहीद भगत सिंह पार्क स्थित लंबे समय से बंद पड़े ट्यूबवेल के दोबारा चालू होने से वार्ड नंबर 29 और 41 के लोगों को पेयजल संकट से राहत तो मिल गई है, लेकिन इसके साथ ही इस उपलब्धि का श्रेय लेने की राजनीतिक होड़ भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग माध्यमों से इस सफलता को अपनी मेहनत और प्रयासों का परिणाम बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्टें साझा की हैं। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर इस कार्य का वास्तविक श्रेय किसे दिया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से दोनों वार्डों में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई थी। कई घरों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही थी, जिसके चलते लोगों को निजी टैंकरों और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रवासियों ने लगातार आवाज उठाई और प्रशासन पर दबाव बनाया। आखिरकार संबंधित विभाग ने बंद पड़े ट्यूबवेल की मरम्मत कर उसे दोबारा चालू कर दिया, जिससे इलाके में पानी की आपूर्ति सामान्य होने लगी।

ट्यूबवेल शुरू होने के बाद सबसे पहले भाजपा के जिला महासचिव नरेंद्र गर्ग नीटा ने इसे जनता के संघर्ष और अपने निरंतर प्रयासों की सफलता बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों के सहयोग, विभाग से लगातार संपर्क और जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के कारण यह कार्य संभव हो पाया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए ट्यूबवेल की मंजूरी भी मिल चुकी है और जल्द ही उसका कार्य शुरू होगा।

वहीं कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान महेश लोटा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही क्षेत्रवासियों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने इसे किसी एक नेता या पार्टी की नहीं, बल्कि आम जनता की जीत बताया। उनका कहना था कि जब लोग एकजुट होकर अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाते हैं तो प्रशासन को समाधान करना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी।

उधर मेयर हसनप्रीत भारद्वाज के खासमखास रोहित ओशो ने भी फेसबुक पर पोस्ट डालकर कहा कि ट्यूबवेल विभाग द्वारा मरम्मत के बाद चालू किया गया है और पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि पुराना ट्यूबवेल चलने योग्य हो जाएगा तो नया लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने लिखा कि उनकी प्राथमिकता केवल लोगों की समस्या का समाधान करना था, न कि उसका राजनीतिक लाभ लेना। उन्होंने यह भी कहा कि मेयर हसनप्रीत भारद्वाज के प्रयासों से वार्ड नंबर 29 की समस्या का समाधान हुआ और कुछ ही घंटों में पानी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य हो गई।

हालांकि राजनीतिक दावों के बीच क्षेत्र के कई लोगों की राय इससे अलग दिखाई दी। उनका कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या समाप्त हुई। लोगों का मानना है कि यदि सभी राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों पर इसी तरह सक्रिय रहें तो शहर की अन्य समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकता है। कई नागरिकों ने कहा कि विकास कार्यों का श्रेय लेने की बजाय सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

शहर में अब इस बात की भी चर्चा है कि प्रस्तावित नए ट्यूबवेल का कार्य कब शुरू होगा और भविष्य में बढ़ती आबादी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को किस प्रकार और सुदृढ़ बनाया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल उन्हें राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए नई परियोजनाओं को भी समय पर पूरा किया जाना आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर निगम चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए स्थानीय स्तर के विकास कार्य अब राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ऐसे में छोटे-बड़े हर जनहित कार्य को लेकर विभिन्न दलों के बीच श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा आगे भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल वार्ड 29 और 41 के निवासियों के लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि उनके घरों तक फिर से नियमित पेयजल पहुंचना शुरू हो गया है।

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