Edited By Urmila,Updated: 21 Apr, 2026 10:25 AM

खन्ना में एस.एस.पी. डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में खन्ना पुलिस की सुनियोजित कार्रवाई से ऑनलाइन बैटिंग के रैकेट की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।
खन्ना (कमल): खन्ना में एस.एस.पी. डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में खन्ना पुलिस की सुनियोजित कार्रवाई से ऑनलाइन बैटिंग के रैकेट की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कारोबार में शामिल लोगों की नींद उड़ गई है।
शुरूआती जांच में पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा लाखों रुपए फ्रीज करवा दिए हैं। यह रकम सट्टेबाजी से कमाई गई बताई जा रही है और अब इसके लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान यह सामने आया कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर काम नहीं कर रहा था, बल्कि इस द्वारा खन्ना में बैठकर मोबाइल फोन, ऑनलाइन एप और डिजीटल ट्रांजैक्शन के जरिए देश-विदेश तक सट्टेबाजी नैटवर्क संचालित किया जा रहा था।
इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी दिनेश छाबड़ा निवासी बसंत नगर खन्ना को गिरफ्तार किया है। उसके साथ उसका भाई करण छाबड़ा और 2 अन्य सहयोगी महेंद्र सिंह राजा तथा नरेश कुमार बंटी भी गिरफ्तार हुए हैं।
गौरतलब है कि 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए मौके से 44 हजार रुपए नकद, 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया था। ये सभी उपकरण सट्टेबाजी नैटवर्क को संचालित करने में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस को पता चला है कि आरोपी लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन सट्टे में फंसाते थे।
यदि जांच में यह साबित होता है कि सट्टेबाजी से अर्जित धन को छिपाने या वैध बनाने की कोशिश की गई है, तो आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई हो सकती है। ई.डी. द्वारा इस मामले में जांच शुरू करने की चर्चा चल रही है। इस स्थिति में करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं और केस राष्ट्रीय स्तर का हाई-प्रोफाइल मामला बन सकता है।
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