Edited By Kalash,Updated: 03 Apr, 2025 12:02 PM

शहर के एकमात्र क्लब जालंधर जिमखाना में हाल ही में हुई एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक के दौरान क्लब की सभी सुविधाओं के शुल्क में भारी बढ़ौतरी करने और भारी भरकम डिवैल्पमैंट चार्ज लगाए जाने के फैसले ने क्लब के सदस्यों के बीच खलबली मचा दी है।
जालंधर (खुराना): शहर के एकमात्र क्लब जालंधर जिमखाना में हाल ही में हुई एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक के दौरान क्लब की सभी सुविधाओं के शुल्क में भारी बढ़ौतरी करने और भारी भरकम डिवैल्पमैंट चार्ज लगाए जाने के फैसले ने क्लब के सदस्यों के बीच खलबली मचा दी है। यह फैसला भी ऐसे समय में लिया गया है जब क्लब सदस्य अप्रैल में अपने वार्षिक शुल्क जमा करवाते हैं। इस फैसले को लेकर सदस्यों में गुस्सा और नाराजगी साफ देखी जा रही है। खास बात यह है कि एग्जीक्यूटिव कमेटी की यह बैठक बीती रात हुई थी। इस कारण ज्यादातर सदस्यों को कमेटी के फैसलों की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। आज जब पंजाब केसरी में इस खबर का विस्तृत ब्यौरा प्रकाशित हुआ, तो क्लब के सदस्यों ने इस फैसले पर विरोध जताना शुरू कर दिया।
क्लब में सुबह सुबह ही देखी गई नाराजगी, बायकाट तक की नौबत आई
गौरतलब है कि हर सुबह बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य क्लब में सैर करने, बैडमिंटन, लॉन टेनिस और स्क्वॉश जैसे खेल खेलने और जिम योगा जैसी अन्य गतिविधियों के लिए आते हैं। सुबह आने वाले लगभग सभी सदस्यों में एग्जीक्यूटिव कमेटी के इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी गई। ज्यादातर का कहना था कि सदस्यों पर करीब 3000 रुपये का जो डिवैल्पमैंट चार्ज थोपा गया है, वह क्लब के इतिहास में सबसे ज्यादा है। पहले कभी इतना भारी डिवैल्पमैंट चार्ज नहीं लगाया गया। कई सदस्यों ने तर्क दिया कि अगर किसी सुविधा के शुल्क में बढ़ोतरी करनी ही थी, तो उसे दोगुना करने के बजाय सीमित बढ़ौतरी की जा सकती थी। लेकिन स्विमिंग पूल, सौना स्टीम और हैल्थ जिम जैसी सुविधाओं के शुल्क को दोगुना कर दिया गया है, जो सदस्यों को जेब पर भारी पड़ रहा है।
बाजार में कई सुविधाएं क्लब से भी सस्ती
जालंधर जिमखाना क्लब अपने सदस्यों के लिए सस्ती और सबसे बेहतर सुविधाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन कई सुविधाओं के दामों में बढ़ोतरी के फैसले ने बाजार के अनुपात में भी इन्हें महंगा बना दिया है। क्लब सदस्यों का कहना था कि वे जोड़-तोड़ कर और लाखों रुपये फीस देकर क्लब के सदस्य बने हैं, लेकिन अगर उन्हें क्लब की सुविधाओं के लिए इतना भारी शुल्क देना पड़ेगा, तो बाजार में ये सुविधाएं इससे सस्ती मिल सकती हैं। क्लब सदैव ही सब्सिडी और डिस्काउंट के लिए जाना जाता रहा है पर अब क्लब को कमर्शियल एंगल से देखा जा रहा है जो सही नहीं।
बैठक में हो गए फैसलों से ख़ुद परेशान दिख रहे मैनेजमैंट के चुने प्रतिनिधि
दूसरी ओर यह भी पता चला है कि क्लब की चुनी हुई मैनेजमैंट के कई प्रतिनिधि भी बीती रात लिए गए फैसलों को लेकर हैरान परेशान हैं और क्लब सदस्यों का सामना करने से बच रहे हैं । ज्यादातर प्रतिनिधि इन फैसलों के लिए एक दूसरे को दोषी भी ठहरा रहे हैं। कई चुने प्रतिनिधियों में अब पश्चाताप, नाराजगी और रोष देखने को मिल रहा है। ज्यादातर चुने हुए प्रतिनिधियों की आज दोपहर बाद क्लब में एक बैठक भी हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि इस मामले को क्लब प्रधान और डिवीजनल कमिश्नर अरुण सेखड़ी के सामने उठाया जाए और फैसले पर पुनर्विचार की अपील की जाए। हालांकि, पता चला है कि क्लब अध्यक्ष आज उपलब्ध नहीं थे, जिस कारण मैनेजमैंट के प्रतिनिधि उनसे नहीं मिल सके।
मैनेजमैंट के फैसलों विरुद्ध शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान
सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि क्लब के सदस्यों ने इन फैसलों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करने का मन बना लिया है और उनकी ओर से एक शिष्टमंडल मैनेजमैंट सदस्यों या प्रधान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। कुछ सदस्यों ने सुबह फैसिलिटीज के चार्ज बढ़ाए जाने के विरोध में खेलों या अन्य गतिविधियों में हिस्सा ही नहीं लिया और क्लब के लॉन आदि में बैठकर मैनेजमैंट के फैसले पर विरोध जताया। रोजाना क्लब आने वाले खिलाड़ियों का एक समूह आज सौना-स्टीम का इस्तेमाल करने ही नहीं गया।
इससे साफ है कि क्लब में मैनेजमैंट के फैसलों के प्रति रोष बढ़ रहा है, जो आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। पता चला है कि क्लब की कई सुविधाओं का उपयोग करने वाले सदस्य सामूहिक रूप से हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर चुके हैं। अब देखना यह है कि आने वाले समय में क्लब मैनेजमैंट के चुने प्रतिनिधि सदस्यों में इस बढ़ते रोष को कैसे संभालते हैं। कुल मिलाकर, यह मामला जालंधर जिमखाना क्लब के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिसका असर इसके सदस्यों और मैनेजमैंट के रिश्तों पर पड़ सकता है।
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