बठिंडा के गांव में एक ही दिन हार्ट अटैक से 4 मौ/तें, कोरोना वैक्सीन को लेकर ग्रामीणों के सवाल

Edited By Urmila,Updated: 04 Sep, 2026 01:52 PM

four people died of heart attacks in a bathinda village on the same day

बठिंडा के निकटवर्ती गांव कोट शमीरा में एक ही दिन हार्ट अटैक से चार लोगों की मौत होने के बाद गांव में चिंता का माहौल बना हुआ है।

बठिंडा (विजय वर्मा):  जिले के कोट शमीर गांव से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहां एक ही दिन के भीतर 4 लोगों की संदिग्ध रूप से मौत हो गई। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि चारों की जान हार्ट अटैक (दिल का दौरा) आने से हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य प्रशासन का कहना है कि मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि विस्तृत मेडिकल जांच और पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। घटना से पूरे गांव कोट शमीर में मातम पसरा हुआ है। 

मृतकों में गांव के पूर्व पंच, पुलिसकर्मी और दो युवा शामिल हैं। मृतकों में गुरजंट सिंह गांव के पूर्व पंच थे और लंबे समय से खेती-बाड़ी का काम देखते थे। वही दूसरे मृतक गुरप्रीत सिंह पंजाब पुलिस विभाग में कार्यरत थे। कुछ वर्ष पूर्व पिता अंग्रेज सिंह के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर यह नौकरी मिली थी। वही गुरमेल सिंह उर्फ गेली पेशे से इलेक्ट्रिकल मैकेनिक थे और समाज सेवा में भी सक्रिय रहते थे। एक अन्य व्यक्ति गांधी प्रजापत  गांव के ही एक अन्य युवक थे। 

गांव के पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पमा ने बताया कि इनमें से दो लोगों की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी, जबकि गुरप्रीत सिंह और गुरमेल सिंह की उम्र 50 वर्ष से कम (युवा वर्ग) थी। पूर्व पार्षद ने सरकार से मांग की है कि कम उम्र में जान गंवाने वाले दोनों युवकों के परिवारों को आर्थिक मदद प्रदान की जाए। हेल्थ एक्पर्ट का कहना है कि समुचित चाइनी फूड व मिलावटी खाने के साथ नियमित दिनचार्य सही नहीं होने से जब हृदय तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने वाली धमनियों (कोरोनरी आर्टरी) में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, तब हार्ट अटैक आता है। 

 

heart attack

युवाओं और बुजुर्गों दोनों में हार्ट अटैक के मुख्य कारण धमनियों के भीतर वसा और कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है, जिससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और रक्त का थक्का  बनने से प्रवाह रुक जाता है।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अचानक या लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है, जिससे दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है। वही जंक फूड, अत्यधिक नमक-चीनी का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और कम नींद से हृदय पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी तरह तंबाकू या धूम्रपान करने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और खून का थक्का बनने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह  का समय पर इलाज न होना धमनियों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है।

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