बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी, 3400 से अधिक पीड़ितों को किया गया रेस्क्यू

Edited By Kalash,Updated: 02 Sep, 2025 12:48 PM

flood affected areas people rescue

सतलुज दरिया के पानी से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की टीमों द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिन-रात राहत कार्य चलाया जा रहा है

फिरोजपुर (परमजीत सोढ़ी): सतलुज दरिया के पानी से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की टीमों द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिन-रात राहत कार्य चलाया जा रहा है और लोगों तक राहत सामग्री बिना किसी रुकावट के पहुंचाई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने बताया कि अब तक जिले के लगभग 112 गांवों के 28,240 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सेना, एन.डी.आर.एफ., बी.एस.एफ. और पंजाब पुलिस के सहयोग से 3410 बाढ़ पीड़ितों को बचाकर पानी से बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि जिले में स्थापित विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित लोगों को सूखा राशन और पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध कराया गया है।

डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने बताया कि गांव हबीब के लिए 10 लाइफ जैकेट और एक नाव की आवश्यकता थी, जो मौके पर उपलब्ध करा दी गई है। सरकारी स्कूल बारे के में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे 250 से अधिक बाढ़ पीड़ितों को नाश्ता, दोपहर व रात का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहीं पर एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि अगर और बारिश होती है तो अधिकारियों को इस संबंध में सतर्क रहने को कहा गया है तथा ग्रामीणों की आवश्यकतानुसार हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे अधिकारियों/कर्मचारियों को कपड़े, चादरें, सैनिटरी नैपकिन सहित सभी प्रकार की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। गांव बग्गे वाला, फत्ते वाला, निहाला लवरा, जल्लो के और फतेहगढ़ सबरावा में राहत चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। रुकने वाला में बांध बनाकर तटबंध को और मजबूत किया गया है ताकि पानी गांव में प्रवेश न कर सके। गाद जमा होने से रोकने के लिए मक्खू नहर से पानी निकाला गया है। गांव धीरा-घारा में पानी में फंसे विभिन्न गांवों के निवासियों को नावों के माध्यम से राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई गई हैं। गांव रुकने वाला कलां में तटबंध को और मजबूत किया गया है। पानी में फंसे गांवों के लोगों को बाहर निकालने के लिए एन.डी.आर.एफ., बी.एस.एफ. की टीमें तैनात की गई हैं। पशुओं की देखभाल के लिए पशुपालन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।

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