तेज़ धूप में किसान जुटे धान कटाई में, जानिए किस समय करना है फसल की कटाई

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Oct, 2025 06:56 PM

farmers are busy harvesting paddy in the scorching sun

इस हफ्ते हुई भारी बारिश के कारण कुछ दिनों तक धान की कटाई का काम रुक गया था, लेकिन अब जब दोबारा तेज़ धूप निकल रही है, तो ज़िले में धान की कटाई का काम भी तेज़ी से चल रहा है।

गुरदासपुर (हरमन) : इस हफ्ते हुई भारी बारिश के कारण कुछ दिनों तक धान की कटाई का काम रुक गया था, लेकिन अब जब दोबारा तेज़ धूप निकल रही है, तो ज़िले में धान की कटाई का काम भी तेज़ी से चल रहा है। गुरदासपुर ज़िले की मंडियों में बीती शाम तक 62,061 मीट्रिक टन धान की आमद दर्ज की जा चुकी है, जिसमें से 55,558 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। फसल की उठान और भुगतान को निर्धारित समय के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है।

डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने किसानों से अपील की कि वे धान की कटाई के बाद इन-सीटू विधि से फसल के अवशेषों को खेत में मिलाकर गेहूं की बुवाई करें या एक्स-सीटू विधि से पराली प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी का उपयोग करें। उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि धान की कटाई केवल पूरी तरह पकने के बाद ही करें और केवल सूखा धान ही मंडियों में बिक्री के लिए लाएँ।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने खरीद के समय धान में नमी की सीमा 17 प्रतिशत तय की है। यदि किसी किसान के धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई जाती है, तो उसकी फसल की खरीद नहीं हो पाती, जिससे किसानों को मंडियों में परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि धान पूरी तरह पकने के बाद काटा जाए, तो उसमें नमी का स्तर उचित रहता है।

डिप्टी कमिश्नर ने सभी कंबाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही धान की कटाई करें, ताकि फसल में नमी की मात्रा अधिक न हो। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे केवल दिन के समय ही अपनी पकी हुई फसल की कटाई करवाएँ। उल्लेखनीय है कि पनग्रेन द्वारा 16,689 मीट्रिक टन, मार्कफेड द्वारा 21,009 मीट्रिक टन, पनसप द्वारा 10,289 मीट्रिक टन, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा 7,563 मीट्रिक टन और निजी खरीद के तहत 8 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।

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