Edited By Kalash,Updated: 01 Sep, 2026 12:04 PM

मजीठा रोड स्थित सरकारी ई.एस.आई. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पतालों में रैफर नहीं किया जा सकेगा।
अमृतसर (दलजीत): मजीठा रोड स्थित सरकारी ई.एस.आई. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पतालों में रैफर नहीं किया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस संबंध में जारी किए गए आदेशों के अनुसार मरीज को पहले सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए रैफर किया जाएगा। यदि वहां मरीज का इलाज संभव न होगा तभी अगली आवश्यकता के अनुसार उसे अन्य अस्पताल भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी करते हुए मैडीकल सुपरिंटैंडैंट ई.एस.आई. अस्पताल अमृतसर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल की एमरजैंसी में तैनात मैडीकल अधिकारी अब सीनियर मैडीकल अधिकारी की सलाह के बिना मरीजों को रैफर नहीं करेंगे। इस आदेश को अस्पताल के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना एवं अनुपालन के लिए भेज दिया गया है।
पहली प्राथमिकता सरकारी इलाज को
अस्पताल प्रशासन के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य ई.एस.आई. के तहत आने वाले मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मुहैया करवाना बताया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत किसी मरीज को सीधे टाई-अप किए गए प्राइवेट अस्पताल में भेजने के बजाय पहले सरकारी स्तर पर उसके इलाज की संभावना देखी जाएगी। प्राप्त पत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि एमरजैंसी मैडीकल अधिकारी अपने स्तर पर मरीज को रैफर नहीं करेंगे और इसके लिए सीनियर मैडीकल अधिकारी से विचार करना अनिवार्य होगा।
गुरु नानक देव अस्पताल में पहले होगी इलाज की कोशिश
अब यदि ई.एस.आई. अस्पताल में किसी मरीज का इलाज संभव न हो, तो उसे पहले गुरु नानक देव अस्पताल में इलाज के लिए रैफर किया जाएगा। यदि वहां भी मरीज का अपेक्षित इलाज या विशेष सुविधा उपलब्ध न हो तो नियमों के अनुसार अगले स्तर पर रैफरल की कार्रवाई की जाएगी।
एमरजैंसी रैफरल पर भी निगरानी बढ़ी
अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आदेशों में विशेष रूप से एमरजैंसी सेवाओं को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इससे अब एमरजैंसी में तैनात मैडीकल अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले रैफरल की प्रक्रिया वरिष्ठ स्तर की सलाह और निगरानी में होगी। प्रशासन के इस आदेश से ई.एस.आई. अस्पताल में मरीजों के रैफरल सिस्टम को लेकर एक नई व्यवस्था लागू हो गई है।
प्राइवेट अस्पताल में पहले से इलाज करवा रहे मरीजों पर लागू नहीं होंगे नए आदेश
सरकारी ई.एस.आई. अस्पताल के मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डा. अश्वनी ने बताया कि जिन मरीजों का इलाज पहले से प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है, वह प्राइवेट अस्पताल में ही चलेंगे। पुराने मरीजों के इलाज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि केवल नए मरीजों को पहले गुरु नानक देव अस्पताल भेजा जाएगा, यदि वहां इलाज संभव नहीं होगा, तभी उन्हें प्राइवेट अस्पताल भेजा जा सकता है। डा. अश्वनी ने कहा कि यह फैसला मरीजों की भलाई और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लिया गया है।
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