पंजाब के इस जिले में डेंगू का कहर, लोगों में दहशत का माहौल

Edited By Kamini,Updated: 30 Oct, 2025 11:18 AM

dengue wreaks havoc in this district of punjab

शहर के निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

जलालाबाद (टीनू, सुमित) : शहर में डेंगू बुखार ने हाहाकार मचा दिया है। शहर के 17 वार्डों में से कोई भी ऐसा वार्ड नहीं बचा जहां डेंगू के मरीज पॉजिटिव न मिले हों। लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार और थकावट की समस्या से पीड़ित है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

शहर के निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं और डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों का उपचार कर रही है। हैरानी की बात यह है कि मरीज सरकारी अस्पताल की बजाय निजी अस्पतालों में इलाज करवाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार उनके पास डेंगू का कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ है, जबकि लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की कमी और भरोसे की कमी इसका मुख्य कारण है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू रोकथाम के लिए अब तक कोई विशेष अभियान शुरू नहीं किया गया है। शहर के बाहरी इलाकों दशमेश नगरी, मोहल्ला गांधी नगर, मोहल्ला राजपूतवाला समेत अन्य क्षेत्रों में भी डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम इन इलाकों में जाकर जांच या फॉगिंग नहीं कर रही है। विभाग की डेंगू रोकथाम मुहिम केवल जागरूकता तक सीमित होकर रह गई है।

शहरवासियों का आरोप है कि नगर काउंसिल की ओर से की जा रही फॉगिंग केवल कागजों तक सीमित है। कई जगह सिर्फ डीजल डालकर मशीन से धुआं किया जाता है, जिससे मच्छरों पर कोई असर नहीं होता। इस संबंध में एम.डी. मैडीसिन डॉ. अंकित मिडा ने बताया कि वर्तमान समय में शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकतर केस उन इलाकों से आ रहे हैं जहां सफाई की स्थिति खराब है और जहां पानी जमा रहता है। डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडिस मच्छर के काटने से होती है। इसका समय पर इलाज होना बहुत जरूरी है, वरना मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को चाहिए कि वे अपने घरों और आसपास की सफाई रखें, टंकियों या गमलों में पानी जमा न होने दें और खुले में कचरा न फेंकें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी से रखें क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरे बाजू वाले कपड़े पहनें और मच्छर रोधी स्प्रे या क्रीम का उपयोग करें। डॉ. मिडा ने नगर काउंसिल और स्वास्थ्य विभाग से अपील की कि शहर में जोरदार सफाई अभियान चलाया जाए, हर वार्ड में फॉगिंग करवाई जाए और स्कूलों में बच्चों को डेंगू के प्रति जागरूक किया जाए। शहरवासियों ने भी सरकार से मांग की है कि जलालाबाद में डेंगू की स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया जाए और आपातकालीन स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को राहत प्रदान की जाए।

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