Edited By Urmila,Updated: 08 Apr, 2026 02:31 PM

पंजाब में पनीर खाने के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, डेयरी माफिया ज़्यादा मुनाफे के लालच में लोगों की थाली में सीधे जहर परोस रहे हैं।
चंडीगढ़: पंजाब में पनीर खाने के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, डेयरी माफिया ज़्यादा मुनाफे के लालच में लोगों की थाली में सीधे जहर परोस रहे हैं। पता चला है कि दूध से पनीर बनाने के लिए नींबू या सिरके की जगह जानलेवा केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये केमिकल सिर्फ 5 मिनट में पनीर तैयार कर देते हैं। इस तरह से बनने वाले पनीर की क्वांटिटी 15 से 20 परसेंट ज़्यादा होती है। एक न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, लुधियाना और मोगा के बाज़ारों में यह जानलेवा केमिकल खुलेआम बिक रहा है। दुकानदार इसे 'पनीर तोड़ने वाला पानी' बताकर बेच रहे हैं। कई जगहों पर इसे सिरके के नाम से बेचा जा रहा है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की चेतावनी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस केमिकल वाले पनीर के सेवन से पेट और आंतों में घाव या अल्सर हो सकते हैं। इससे लिवर में सूजन (हेपेटाइटिस) और किडनी फेलियर भी हो सकता है। इसके अलावा, यह हड्डियों की डेंसिटी को कम करता है और बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी रुकावट डालता है।
फूड सेफ्टी नियमों की उड़ रही धज्जियां
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन 2011 के तहत, सिर्फ सिट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड और सिरका इस्तेमाल करने की इजाजत है, लेकिन पंजाब हॉर्टिकल्चर पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सेंटर की जांच में पाया गया कि बाजार में बिक रहे इस घोल में इनमें से कुछ भी मौजूद नहीं था और यह 'फूड ग्रेड' एसिड नहीं है।
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