बैंक से सोना किसी अज्ञात को देने का मामला, अब सीसीटीवी फुटेज देने से बच रहा बैंक

Edited By Radhika Salwan,Updated: 30 Jul, 2024 05:31 PM

case of giving gold from bank to an unknown person

मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

गुरदासपुर- एक बहुचर्चित बैंक द्वारा एक व्यापारी द्वारा गिरवी रखे गए लाखों के सोने के आभूषणों को कर्जदार की गैरमौजूदगी में किसी और को देने का मामला सामने आया है, जबकि बैंक मामले की सीसीटीवी की फुटेज जारी करने में आनाकानी करने के दोष लगाए हैं। पीड़ित ललित कुमार शर्मा का कहना है कि बैंक या तो मामले में अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है या फिर सोना देने में बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत है और उसे बचाने के लिए बैंक की तरफ से सीसीटीवी फटेज देने से मना किया जा रहा है।

मामले को लेकर पीड़ित ललित कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना काल में कारोबार में आई मंदी के कारण उन्होंने एक जाने-माने निजी बैंक कर्मी की सलाह पर 2022 में आधा किलो से अधिक सोने के आभूषण गिरवी रखकर अपनी पत्नी के नाम पर बैंक से 18 लाख रुपये का लोन लिया था। उनके सोने की कीमत लगभग 40 लाख रुपये है, जिसे अक्टूबर 2022 में उक्त बैंक कर्मचारी ने उनकी उपस्थिति के बिना बैंक कर्मचारी की तरफ से ब्याज सहित पूरी रकम चुकाकर छुड़ा लिया गया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी बैंक नहीं गए थे, इसलिए उनके मौके पर किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का सवाल ही नहीं उठता। बैंक दावा कर रहा है कि एक रजिस्टर पर उनकी पत्नी के हस्ताक्षर हैं जो पूरी तरह से गलत है।

ललित कुमार ने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की है, लेकिन पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है और चार महीने बीत जाने के बाद भी वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है, जबकि साफ तौर पर इसमें बैंक के उस समय के मैनेजर और संबंधित डीलिंग हेड की जिम्मेवारी बनती है। जिन्होंने उधारकर्ता की उपस्थिति के बिना किसी अज्ञात व्यक्ति को सोना सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मामले को लटकाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे कुछ दिनों में अपने परिवार और साथियों के साथ बैंक के बाहर धरना देंगे।

इस संबंध में बैंक के वर्तमान प्रबंधक ऊंकार सिंह ने बताया कि मामला करीब दो साल पुराना है, इसलिए सीसीटीवी फुटेज बैंक के पास उपलब्ध नहीं है, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने कई बैंक अधिकारियों से बात की है, जिनका कहना है कि बैंक पांच साल तक ऐसी सीसीटीवी फुटेज अपने पास रखता है। इस मामले की जांच कर रहे हैं डीएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि पीड़ित ललित कुमार की शिकायत पर तुरंत बैंक अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज या उस व्यक्ति की फोटो उपलब्ध करवाने के लिए लिखा गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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