पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाया मामला, खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले गिरफ्तार

Edited By Urmila,Updated: 19 Aug, 2025 04:09 PM

accused arrested for writing pro khalistan slogans

पुलिस ने करीब 72 घंटों के भीतर इस घटना को अंजाम देने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) की पूर्व संध्या पर विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी के आवास पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले तीन व्यक्तियों को 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस घटना के पीछे अमेरिका में बैठे एक व्यक्ति, सुरिंदर सिंह ठीकरीवाला, को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस कप्तान मोहम्मद सरफराज आलम ने प्रेस को दी।

घटना और जांच का विवरण

एस.एस.पी. मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि 14 और 15 अगस्त 2025 की दरमियानी रात को दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने महल कलां हल्के के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी के गांव पंडोरी स्थित घर पर "खालिस्तान जिंदाबाद" और "रेफरेंडम जिंदाबाद" के नारे लिखकर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की। इस संबंध में थाना महल कलां में मुकदमा नंबर 65, दिनांक 15-08-2025, धारा 196 बीएनएस, 3 पंजाब प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1997 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था।

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए माननीय महानिदेशक पुलिस, पंजाब, चंडीगढ़ के दिशानिर्देशों पर तत्काल कार्रवाई की गई। एस.एस.पी. मोहम्मद सरफराज आलम की निगरानी में विभिन्न विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में एस.पी. (इन्.) अशोक कुमार, डी.एस.पी. (इन्.) राजिंदरपाल सिंह, डी.एस.पी. (सब-डिवीजन महल कलां) जतिंदरपाल सिंह, डी.एस.पी. (स्पेशल ब्रांच) बलजीत सिंह, सी.आई.ए. इंचार्ज इंस्पेक्टर बलजीत सिंह, थाना महल कलां के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर शेरविंदर सिंह और टेक्निकल सेल की टीमें शामिल थीं।

72 घंटे में गिरफ्तारी और साजिश का खुलासा

इन टीमों की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के आधार पर, पुलिस ने करीब 72 घंटों के भीतर इस घटना को अंजाम देने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुरमीत सिंह उर्फ टांडी पुत्र करमजीत सिंह निवासी महल खुर्द, गुरसेवक सिंह उर्फ मनी पुत्र गुरप्रीत सिंह निवासी महल खुर्द, कृपा सिंह पुत्र सुखवंत सिंह (ग्रंथी, गुरुद्वारा छठवीं पातशाही, लड्डा, जिला संगरूर) के रूप में हुई है। वहीं बताया जा रहा है कि तीनों मजदूरी का काम करते हैं।

मुख्य साजिशकर्ता: अमेरिका में बैठा सुरिंदर सिंह ठीकरीवाला

पुलिस की गहन पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि इस घटना के पीछे अमेरिका में रह रहे सुरिंदर सिंह ठीकरीवाला का हाथ है। उसने पैसों का लालच देकर इन युवकों को समाज में दहशत फैलाने के लिए इस घटना को अंजाम देने के लिए उकसाया था। पुलिस ने सुरिंदर सिंह को भी इस मामले में आरोपी नामजद किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया मोटरसाइकिल, दो खाली स्प्रे कैन और एक भरा हुआ स्प्रे कैन, पांच मोबाइल फोन, निहंग के बाने वाले दो चोले और दुमाले बरामद हुए हैं।

साजिश की कहानी

जांच के दौरान पता चला कि कुलवंत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी कांझला, जो करीब 9-10 साल पहले गांव महल खुर्द के बड़े गुरुद्वारा साहिब में सेवा करता था और साथ ही गतका खेलने का प्रशिक्षण भी देता था, उस समय गुरमीत सिंह उर्फ टांडी उससे गतका सीखता था। इसी दौरान कुलवंत सिंह का संपर्क सुरिंदर सिंह ठीकरीवाला से हुआ, जो अब अमेरिका में रहता है और गांवों में गतका कैंप लगवाता था। इसी तरह गुरमीत सिंह सुरिंदर सिंह के संपर्क में आ गया। इस घटना से पहले सुरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से गुरमीत सिंह से संपर्क करके उसे इस घटना को अंजाम देने के लिए तैयार किया था।

युवाओं को भड़काने का तरीका

सुरिंदर सिंह ठीकरीवाला सोशल मीडिया के जरिए युवा वर्ग को पैसों और नशों का लालच देकर धर्म और पंजाब का नाम इस्तेमाल करके गैर-कानूनी काम करने के लिए भड़काता था और धार्मिक रंगत देकर समाज विरोधी गतिविधियां करवाता था। घटना को अंजाम देने के बदले में गुरमीत सिंह और गुरसेवक सिंह को 20 हजार रुपये दिए गए थे। यह राशि गुरसेवक सिंह के बुआ के बेटे जसप्रीत सिंह पुत्र मेजर सिंह निवासी मुल्लापुर जो एक बिजली की दुकान पर काम करता था, के मालिक के खाते में डाली गई थी।

निहंग समुदाय को बदनाम करने की कोशिश

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सुरिंदर सिंह ने गुरमीत सिंह और गुरसेवक सिंह, जो कि सिर मुंडवाए हुए और दाढ़ी-मूंछें कटे हुए थे, को यह निर्देश दिया था कि वे निहंग समुदाय की वेशभूषा, यानी चोला और दुमाला पहनकर इस घटना को अंजाम दें। इसका मकसद समाज में निहंग समुदाय की छवि खराब करना था। कृपा सिंह, जो पिछले तीन सालों से गुरुद्वारा छठवीं पातशाही, लड्डा (संगरूर) में बतौर ग्रंथी सेवा कर रहा था, इस साजिश में शामिल था।

अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि का लालच

सुरिंदर सिंह ने गुरमीत सिंह और गुरसेवक सिंह को यह भी कहा था कि घटना को अंजाम देने के बाद जब उनका वीडियो वायरल होगा, तो वे दुनिया भर में मशहूर हो जाएंगे। उसने उन्हें आगे और काम देने और आर्थिक मदद का भी लालच दिया था। पुलिस के मुताबिक मुख्य साजिशकर्ता सुरिंदर सिंह पुत्र जसवंत सिंह, निवासी ठीकरीवाला (वर्तमान में अमेरिका) के खिलाफ पहले भी विभिन्न धाराओं के तहत कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इस मामले की और भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

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