Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Feb, 2026 08:26 PM

इन्कम टैक्स बार के सदस्यों ने स्थानीय होटल में कॉफी पर बजट की चर्चा की और बजट को लाइव देखा। इस चर्चा में प्रधान एडवोकेट गुरदीप सिंह कालरा, सैक्रेटरी सरवेश शर्मा, कोषाध्यक्ष एडवोकेट विक्रांत नागपाल, एडवोकेट विकास जयरथ एवं वाइस प्रैजीडैंट सी.ए. सुनील...
जालंधर : इन्कम टैक्स बार के सदस्यों ने स्थानीय होटल में कॉफी पर बजट की चर्चा की और बजट को लाइव देखा। इस चर्चा में प्रधान एडवोकेट गुरदीप सिंह कालरा, सैक्रेटरी सरवेश शर्मा, कोषाध्यक्ष एडवोकेट विक्रांत नागपाल, एडवोकेट विकास जयरथ एवं वाइस प्रैजीडैंट सी.ए. सुनील दत्त सभी ने इन्कम टैक्स बार के पूर्व प्रधान एवं पैट्रन एडवोकेट अनिल वर्मा एवं सी.ए. राजेश कक्कर के मार्गदर्शन में विस्तार चर्चा की।
सभी कर विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की, कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने लोकलुभावन बजट पेश करने की बजाय नीति निर्धारण करने वाला बजट प्रस्तुत किया। इसलिए इस बजट को यूथ ड्रिवन विजन फार विकसित भारत कहा गया है। इसमें मुख्य तीन बातों पर फोकस किया गया है।
1. गरीबों को फायदा पहुंचाना
2. निम्न वर्ग का ध्यान रखना
3. सुविधा रहित को फायदा देना
नया इन्कम टैक्स एक्ट 2026 1 अप्रैल से लागू हो रहा है जिसे बहुत आसान बनाया गया है। इसके अलावा मौजूदा आयकर में पैनल्टी एवं Prosecution के नियमों को सरल किया गया है। छोटे करदाता को राहत दी गई है, जो इस प्रकार है
1. टी.एस. रेट्स को विदेश यात्रा पर 5 प्रतिशत व 20 प्रतिशत से 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
2. एल.आर.एस. पर टी.सी.एस. रेट्स को 5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
3. रिवाइज रिटर्न फाइल करने का समय 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है।
4. अब अपील के केस में स्टे आफ डिमांड के समय 20 प्रतिशत की बजाय 10 प्रतिशत रकम जमा करवानी पड़ेगी।
5. अपडेटिड रिटर्न अब रिअसैसमैंट प्रोसीडिंग के अंतर्गत भी की जा सकती है।
Lower Deduction of TDS का सर्टीफिकेट लेने के लिए अब आनलाइन फीलिंग किया जा सकता है। एऩ.आर.आई. को जमीन बेचने के लिए अब TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी। इस बजट में ग्लोबल बिजनैस एंड इन्वैस्टमैंट को अट्रैक्ट करने के लिए और जी.डी.पी. बढ़ाने के लिए और बजट घाटे को कम करने के लिए कदम बढ़ाए गए हैं। ओवरआल यह बजट दूरदर्शी है और लंबे समय में इसके फायदे नजर आने शुरू होंगे।