सुप्रीम कोर्ट ने Private स्कूलों को दी बड़ी राहत

Edited By Vatika, Updated: 20 May, 2022 10:36 AM

supreme court gives big relief to private schools

चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

चंडीगढ़(आशीष): चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में पंजाब रैगुलेशन ऑफ फी अनएडिड एजुकेशनल इंस्टीच्यूट एक्ट 2016 लागू होने से इंकार करते हुए स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों को बैलेंस शीट दिखाने की जरूरत नहीं है।

सर्वोच्च न्यायलय के इस फैसले से चंडीगढ़ के 89 प्राइवेट स्कूलों को लाभ मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जहां पर इंडिपेडैंड स्कूल एसोसिएशन खुश है, लेकिन प्राइवेट स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने फैसले पर नाराजगी जताई है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल, 2018 में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने पंजाब रैगुलेशन फी एक्ट 2016 को नोटिफाई करते हुए प्राइवेट स्कूलों को बैलेंस शीट स्कूल वैबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश जारी किए थे। निर्देश के खिलाफ प्राइवेट स्कूल पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गए थे। हाईकोर्ट ने फैसला शिक्षा विभाग के पक्ष में दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को बदल कर पंजाब फीस एक्ट चंडीगढ़ में लागू नहीं होने का फैसला सुनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैलेंस शीट जैसी जानकारी प्राइवेट स्कूल तभी वैबसाइट पर अपलोड करेंगे जब संसद या विधानसभा में बिल पास होगा। 

‘जायज नहीं आमदनी व खर्च की जानकारी देना’
इंडिपेडैंट स्कूल एसोसिएशन के प्रैजीडेंट एच.एस. मामिक ने बताया कि निजी स्कूलों की तरफ से हर वर्ष पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार फीस में बढ़ोतरी की जाती है। फीस बढ़ोतरी के साथ प्राइवेट स्कूल स्टाफ के वेतन में बढ़ोतरी और सुविधाओं को बेहतर करते हैं। प्राइवेट स्कूलों ने विद्यार्थियों को पढ़ाने के अलावा स्कूल को मैंटेंन करने का कार्य भी फीस से ही करना होता है जो कि प्राइवेट स्कूलों का निजी मामला होता है। ऐसे में लोगों को स्कूल की आमदन और खर्च की जानकारी देना जायज नहीं है। आम व्यक्ति को स्कूल के निजी व्यवहार से कोई फर्क नहीं होना चाहिए।

बैलेंस शीट और वित्तीय रिकॉर्ड दिखाना चाहिए
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि निजी स्कूलों के वितीय मामलों में पारदॢशता चाहते हैं। स्कूल प्रबन्धक ट्रस्टों के नाम पर स्कूल का संचालन कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधक अपनी इच्छा के अनुसार वैबसाइट पर अपनी बैलेंस शीट अपलोड करने के लिए किसी प्रकार की कोई बाध्य नही है। फीस रैगुलर कमेटी या सरकारी अधिकारी को दी गई अभिभावकों की शिकायत के दौरान स्कूलों के बैलेंस शीट और अन्य वितीय रिकार्ड को दिखाया जाना चाहिए।

Related Story

Trending Topics

Test Innings
England

India

134/5

India are 134 for 5

RR 3.72
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!