Edited By Sunita sarangal,Updated: 30 Aug, 2025 05:35 PM

उन्होंने कहा कि बरसाती पानी न सिर्फ किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि गांवों का आपसी सम्पर्क भी टूट गया है।
बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): पंजाब में हो रही लगातार बारिश ने गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। विधानसभा हलका भदौड़ के गांव ताजोके में स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां बरसाती पानी के कारण लगभग 300 एकड़ खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया तो उनकी साल भर की मेहनत से उगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।
खेतो में कई फीट तक पानी, निकासी का कोई साधन नहीं
गांव ताजोके के सरपंच करनदीप सिंह, नंबरदार भूपिंदर सिंह और किसान जगसीर सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश का पानी खेतों में घुस गया है। इस पानी की निकासी न होने के कारण खेतों में कई-कई फीट पानी खड़ा है। किसानों के अनुसार पास की नहर (कस्सी) बिल्कुल खाली पड़ी है, लेकिन खेतों का पानी उसमें नहीं पहुंचाया जा रहा है। अगर सरकार तुरंत पाइपलाइन का प्रबंध करके खेतों से पानी की निकासी करे तो फसलों को बचाया जा सकता है।
सड़कों पर पानी, सम्पर्क मार्ग बंद
उन्होंने कहा कि बरसाती पानी न सिर्फ किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि गांवों का आपसी सम्पर्क भी टूट गया है। गांव ताजोके से पखोके जाने वाली लिंक सड़क पानी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालातों को देखते हुए प्रशासन ने बड़े-बड़े बैनर लगाकर रास्ता बंद कर दिया है, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। इसके अलावा, ताजो-घुड़ेली सड़क भी किनारों से टूट चुकी है, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
विधायक ने किया दौरा, मदद का आश्वासन
इस गंभीर मामले पर हलका भदौड़ के विधायक लाभ सिंह उगोके ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गांवों और शहरों के प्रभावित इलाकों की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। उग्गोके ने आश्वासन दिया कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार द्वारा योजनाओं के तहत कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान सरपंच करनदीप सिंह, पंचायत सदस्य हाकम सिंह चौहान, किसान जगसीर सिंह, नंबरदार भूपिंदर सिंह, बाबा जगसीर सिंह, गुरचरन सिंह, पंच गगनदीप सिंह, गुरप्रीत सरा, बलवीर सिंह, पंच बलौर सिंह, जगसीर बाठ, मक्खन सिंह, हरजिंदर सिंह, प्रगट सिंह और मिठू सिंह आदि मौजूद थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकार द्वारा पानी निकासी के लिए पाइपलाइन या कोई अन्य उचित प्रबंध किया जाए तो न सिर्फ गांव ताजोके के किसान बच सकते हैं, बल्कि आसपास के गांवों के किसान भी इस बड़ी समस्या से राहत महसूस कर सकते हैं।
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