Edited By Kamini,Updated: 13 Sep, 2025 04:02 PM

ये आदेश 30 नवंबर, 2025 तक लागू रहेंगे।
जलालाबाद (बंटी दहूजा): जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू, आईएएस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 (पुरानी सीआरपीसी, 1973 की धारा 144) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, फाजिल्का जिले की सीमा के भीतर धान की पराली और अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। ये आदेश 30 नवंबर, 2025 तक लागू रहेंगे। चालू वर्ष 2025 की धान (जीरी) की कटाई का मौसम शुरू होने वाला है।
यह देखा गया है कि धान की फसल की कटाई के बाद, संबंधित किसान पराली के अवशेषों में आग लगा देते हैं। इससे नुकसान का खतरा रहता है। धुएं के कारण हवा में काफी प्रदूषण होता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। अपशिष्ट जलाने से जमीन की उर्वरता कम होती है। इससे आसपास की फसलों या गांव में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
इससे कई बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। सड़क के किनारे कचरा जलाने से यातायात बाधित होता है और कई दुर्घटनाएं होती हैं। इससे गांवों में लड़ाई-झगड़े का खतरा भी बढ़ जाता है। जनहित में इसे रोकना बेहद ज़रूरी है। दुर्लभ और उपयोगी जीवों की विरासत नष्ट हो रही है। ऐसा लगता है कि लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कड़े कदम उठाए जाने ज़रूरी हैं।
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