Edited By Vatika,Updated: 01 Sep, 2026 10:53 AM

शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जालंधर: शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। SD कॉलेज रोड पर कॉलेज के सामने हाल ही में दो चार मंजिला इमारतों का निर्माण किया गया है। इन निर्माणों को लेकर नगर निगम की ओर से पिछले दिनों नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मौके पर आगे की कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर नोटिस जारी होने के बाद भी इन इमारतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। खास बात यह है कि हाल ही में संत नगर इलाके में इसी तरह के एक निर्माण को नगर निगम की ओर से सील किया गया था। ऐसे में SD कॉलेज रोड पर बने इन निर्माणों को लेकर निगम की कार्रवाई में कथित तौर पर अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नोटिस तक सीमित रह गई कार्रवाई?
मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत है और नगर निगम ने इसे लेकर नोटिस जारी किया है, तो उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए। लेकिन यहां फिलहाल कार्रवाई सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित दिखाई दे रही है। इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इन इमारतों को लेकर अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव है या फिर कोई अन्य वजह है, जिसके चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही।
‘सेटिंग’ के आरोप, लेकिन जांच जरूरी
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं की ओर से अधिकारियों की कथित मिलीभगत या ‘सेटिंग’ के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि निर्माण को लेकर नगर निगम के नियम क्या कहते हैं, नोटिस किस आधार पर जारी किया गया था और उसके बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि यदि निर्माण नियमों के खिलाफ है तो उस पर कार्रवाई नहीं होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वहीं, यदि निर्माण नियमों के मुताबिक है तो नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि पूरे मामले को लेकर तस्वीर साफ हो सके।
शिकायत पोर्टल और लोकपाल तक पहुंचा मामला
बताया जा रहा है कि इन इमारतों को लेकर शिकायत संबंधित पोर्टल के अलावा लोकपाल तक भी पहुंच चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। शिकायत में कथित तौर पर उन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन पर निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है। क्या नोटिस के बाद निर्माण पर कार्रवाई होगी या मामला इसी तरह कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शहर के दूसरे इलाकों में नियमों के उल्लंघन वाले निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई हो रही है, तो SD कॉलेज रोड पर बनी इन इमारतों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई कब होगी?