MLA Raman Arora के होशियारपुर गैस कांड से जुड़े तार! उलझ गया गुरु कृपा पार्किंग मामला

Edited By Urmila,Updated: 06 Sep, 2025 03:13 PM

mla raman arora links to hoshiarpur gas tragedy

मंडियाला गैस कांड ने न केवल पंजाब की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि इससे एक जनप्रतिनिधि की कार्यशैली और साख पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जालंधर : मंडियाला गैस कांड ने न केवल पंजाब की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि इससे एक जनप्रतिनिधि की कार्यशैली और साख पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा इन दिनों भ्रष्टाचार और संगीन आपराधिक मामलों से जुड़े एक जटिल जाल में उलझते नजर आ रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विधायक अरोड़ा पिछले तीन सालों से एक ठेकेदार रमेश कुमार से "महीना" ले रहे थे। रमेश कोई साधारण पार्किंग ठेकेदार नहीं, बल्कि गैस और तेल चोरी के नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जाता है, जो इस समय मंडियाला गैस कांड में जेल में बंद है। इस हादसे में 7 मासूमों की जान जा चुकी है।

रमेश कुमार, जो फिलहाल जेल में है, ने खुद खुलासा किया है कि वह विधायक को और उनके बेटे सौरव पासवान को नियमित रूप से रिश्वत देता था ताकि उनके काले धंधे पर कोई सवाल न उठे। यही नहीं, रमेश का आरोप है कि विधायक ने उससे जबरन पैसे लेने के लिए धमकी दी कि अगर "महीना" नहीं दिया, तो उसे झूठे केस में फंसा देंगे।

चौंकाने वाली बात यह है कि 22 अगस्त की रात, मंडियाला में गैस कांड होते ही रमेश सिर्फ 15 मिनट बाद पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाता है। तीन सालों तक चुप रहने वाला रमेश अचानक इतना "सजग" कैसे हो गया? क्या यह गैस कांड के बाद अपने बचाव की चाल थी, या फिर यह किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा? पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैस कांड की एफआईआर (119) रात 9:55 बजे, जबकि विधायक अरोड़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर (253) 10:10 बजे की है — यानी महज़ 15 मिनट का अंतर। जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

राजनीति, पुलिस और 'सेटिंग' का तगड़ा खेल?

गैस चोरी और अवैध तेल टैंकर नेटवर्क के इस खेल में रमेश अकेला नहीं था। बताया जाता है कि हर हफ्ते नेताओं, दलालों और कुछ पुलिस अधिकारियों को उनका "हिस्सा" पहुंचाया जाता था। चौंकाने वाली बात यह भी है कि  सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि सरकार कोई भी हो, लेकिन कभी रमेश के नेटवर्क पर कोई रेड नहीं हुई है। रमेश से जुड़े लोग बताते हैं कि सेटिंग से यह चोरी का खेल खेला जाता था। हर हफ्ते नेता, दलाल और थाने में तैनात काली भेड़ों का हिस्सा उन तक खुद रमेश ही लेकर जाता था। रमन अरोड़ा सत्ता में आते ही सेटिंग के खेल के हिस्सेदार बन गए थे।  रमेश का नेटवर्क इतना मजबूत बताया जा रहा है कि लम्मा पिंड की पार्किंग जहां से गैस चोरी होती थी, वो जगह भी आप पार्टी के ही एक अन्य नेता के स्वामित्व में है। रमेश ने अरोड़ा के अलावा एक और प्रभावशाली नेता को भी हिस्सा देना शुरू किया, क्योंकि लम्मा पिंड का आधा क्षेत्र उनके हलके में आता है।

अब जेल में हैं विधायक, जांच जारी

विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ पहले से ही करप्शन केस में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन अब पुलिस ने उन्हें 3 दिन की रिमांड पर लेकर फिर से गिरफ्तार किया है। जबरन वसूली और धमकी देने के आरोप में उन्हें कैंट थाने में रखा गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो।

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