Edited By Vatika,Updated: 29 Aug, 2025 01:53 PM

पंजाब में बाढ़ के दौरान पानी और भोजन से होने वाली तथा वेक्टर जनित बीमारियों
चंडीगढ़: पंजाब में बाढ़ के दौरान पानी और भोजन से होने वाली तथा वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पंजाब की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि बाढ़ के पानी के सीधे संपर्क से बचें, पानी भरे इलाकों में चलते समय सुरक्षित जूते पहनें, साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं, खासकर खाना खाने से पहले।
सिर्फ उबला हुआ या क्लोरीन मिला पानी ही पिएं। यदि पानी उबालना संभव न हो तो क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग करें। पानी को साफ़ और ढके हुए बर्तनों में रखें। ऐसा कोई भी भोजन न खाएं जो बाढ़ के पानी के संपर्क में आया हो। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए ड्रम, टायर और छतों से जमा पानी हटाएं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें। अंधेरा होने के बाद पानी भरे या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। घास-फूस या घनी झाड़ियों में हाथ-पैर न डालें। बाढ़ के पानी से लंबे समय तक संपर्क से बचें और जितनी जल्दी हो सके गीले कपड़े बदलकर सूखे कपड़े पहनें। स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के बाद खुजली या चकत्ते होने पर पाउडर या मलहम लगाएं। दस्त होने की स्थिति में तुरंत ओआरएस पीना शुरू करें और नज़दीकी स्वास्थ्य शिविर या संस्थान में जांच के लिए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और बाढ़ से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए टीमें और एंबुलेंसें तैनात की गई हैं। 360 मोबाइल मेडिकल टीमें और 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की गई हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। बाढ़ राहत के लिए कुल 172 एंबुलेंस दिन-रात तैनात रखी गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया, पानी से फैलने वाली और वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), रेड क्रॉस और केमिस्ट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित देखभाल और राहत देने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल टीमें भेजी जा रही हैं और संसाधन जुटाए जा रहे हैं।