Edited By Urmila,Updated: 23 Sep, 2025 11:04 AM

फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में सतलुज नदी के कारण आई बाढ़ का पानी भले ही अब कम हो गया है लेकिन अपने पीछे तबाही की एक ऐसी दर्दनाक दास्तां छोड़ गया है
फाजिल्का (कृष्ण) : फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में सतलुज नदी के कारण आई बाढ़ का पानी भले ही अब कम हो गया है लेकिन अपने पीछे तबाही की एक ऐसी दर्दनाक दास्तां छोड़ गया है जिससे पीड़ित लोग अभी भी उभर नहीं पाए हैं। बाकी सीमावर्ती गांवों के साथ-साथ ग्राम पंचायत ढाणी सद्दा सिंह के पास बसी ढाणियों में भी हालात बेहद गंभीर हैं, जहां लोगों के घर अब रहने लायक नहीं रहे और वे सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
बाढ़ ने ढाणी मक्खन सिंह और ढाणी कश्मीर सिंह में भारी नुकसान पहुंचाया है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि उनके घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया था। ढाणी मक्खन सिंह के निवासी शाम सिंह और नानको बाई ने भरे मन से बताया कि करीब एक महीने पहले उन्हें अपना घर-बार और सारा सामान छोड़कर गांव नया हस्ता में रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी थी।
एक महीने बाद जब वे नाव के जरिए वापस लौटे तो उनके घरों का मंजर दिल दहला देने वाला था। कमरों में मिट्टी के ढेर लगे हुए थे, चारपाई, अलमारियां और संदूकों में पड़ा कीमती सामान पानी और मिट्टी के कारण खराब हो चुका था। हालात इतने खराब हैं कि अब उनके घरों में सांपों और अन्य जहरीले जीवों ने डेरा डाल लिया है, जिसके कारण वे बचे-खुचे सामान को नावों के जरिए सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए मजबूर हैं।

इसी तरह ढाणी कश्मीर सिंह के पंचायत सदस्य कुलवंत सिंह और गुरप्रताप सिंह ने बताया कि उनके घरों को न सिर्फ पानी ने नुकसान पहुंचाया, बल्कि अब दीवारों में दरारें आ गई हैं और दो से अढ़ाई फीट मिट्टी जम गई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने घरों से मिट्टी निकालने के लिए 5 दिनों तक भारी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन प्रशासन की ओर से हमारी कोई सुध नहीं ली गई।

सरकार से मुआवजे की मांग
दोनों ढाणियों के पीड़ितों का कहना है कि उन तक जरूरी मदद नहीं पहुंच रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उनकी हालत पर तरस खाया जाए और उनके हुए भारी नुकसान का तुरंत और उचित मुआवजा दिया जाए।
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