एनर्जी ड्रिंक व शराब की बिक्री पर रोक! 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं व दुकानदारों के लिए जारी हुए नए नियम!

Edited By Urmila,Updated: 15 Oct, 2025 12:52 PM

ban on sale of energy drinks and alcohol

डिप्टी कमिश्नर टी. बैनिथ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि) : डिप्टी कमिश्नर टी. बैनिथ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में स्कूलों से 100 मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 मीटर की सीमा तक इन एनर्जी ड्रिंक की बिक्री नहीं होनी चाहिए। डी.सी टी. बैनिथ ने यह निर्देश नशा एवं नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए आयोजित सांझी कार्य योजना की तिमाही बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि एनर्जी ड्रिंक जैसे उत्पाद बच्चों में नशे की लत की ओर पहला कदम बन सकते हैं, इसलिए इन्हें स्कूलों के आसपास बेचना अनुचित है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी दुकानदारों को इस विषय में जागरूक किया जाए ताकि वे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एनर्जी ड्रिंक न बेचें।

शराब बिक्री पर सख्त हिदायतें

बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को शराब बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि सभी शराब ठेकेदारों को सरकारी नियमों की सख्त पालना करनी होगी। बरनाला जिले में वर्तमान में 178 शराब के ठेके हैं और प्रत्येक ठेके को यह सुनिश्चित करना होगा कि 25 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब न दी जाए।

डी.सी. ने आबकारी विभाग और पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जिले में सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “शराब का सेवन केवल घरों या लाइसेंस प्राप्त अहातों में ही किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनन अपराध है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

बच्चों और युवाओं की सुरक्षा प्राथमिकता

टी. बैनिथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे की चपेट से बचाना भी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि स्कूलों में नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि विद्यार्थी एनर्जी ड्रिंक और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत रहें। उन्होंने कहा कि एनर्जी ड्रिंक में उच्च मात्रा में कैफीन और शूगर होती है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। “हमारा लक्ष्य है कि बच्चों को स्वस्थ वातावरण मिले और वे पढ़ाई व खेलों में रुचि लें न कि इन हानिकारक पेय पदार्थों के प्रति आकर्षित हों,” उन्होंने जोड़ा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

इस अवसर पर शिक्षा विभाग से नीरज कुमार, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. लिप्सी मोदी (मनोवैज्ञानिक), पुलिस विभाग से गगनदीप कौर, गुरदीप सिंह (ड्रग इंस्पेक्टर) और गुरजीत कौर (जिला बाल सुरक्षा अधिकारी) सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों ने नशामुक्त समाज की दिशा में समन्वित प्रयास करने का संकल्प दोहराया।

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