‘करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का प्रबंधन’ गैर-सिख संस्था को सौंपने पर बवाल

Edited By Vatika,Updated: 06 Nov, 2020 08:54 AM

kartarpur sahib

करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के प्रबंध एवं देखरेख का काम एक गैर सिख संस्था को सौंपे जाने पर भारत सहित दुनिया भर में बवाल मच गया है।

नई दिल्ली: करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के प्रबंध एवं देखरेख का काम एक गैर सिख संस्था को सौंपे जाने पर भारत सहित दुनिया भर में बवाल मच गया है। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए वीरवार को भारत ने कहा कि पाकिस्तान सरकार सिखों की भावनाओं के विरुद्ध इस मनमाने फैसले को वापस ले। इसके साथ ही विश्व भर के सिखों ने इस फैसले की कड़ी निन्दा की है। 

विदेश मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘हमने उन रिपोर्टों को देखा जिनके अनुसार पाकिस्तान में पवित्र गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का प्रबंधन एवं देखरेख का काम अल्पसंख्यक सिख समुदाय की संस्था पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से लेकर एक गैर सिख संस्था इवैक्वी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ई.टी.पी.बी.) के हाथों में दिया जा रहा है। पाकिस्तान का यह एकतरफा निर्णय निंदनीय है और करतारपुर साहिब कॉरीडोर खोले जाने की भावना और सिख समुदाय के धार्मिक ख्यालों के विरुद्ध है। ऐसे कदम पाकिस्तान सरकार और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों एवं कल्याण के लंबे-चौड़े दावों की असलियत उजागर करते हैं।’’

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान का आह्वान किया कि वह सिख समुदाय के अधिकारों के हनन करने वाले मनमाने फैसले वापस ले। बयान में कहा गया कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का प्रबंध करने का अधिकार सिख समुदाय का है। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का प्रबंधन इवैक्वी ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड को सौंपने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा करतारपुर साहिब का प्रबंधन  सिख संगठन पी.सी.बी. से लेकर एक गैर सिख संस्था को दे दिया गया है। 

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