दिल्ली-यू.पी. में हिली चीन की मोनोपली, अब इंजन पार्ट्स आ रहे राजकोट से

Edited By Vaneet,Updated: 06 Mar, 2020 01:27 PM

delhi up china monopoly in engine parts coming from rajkot

चीन से आने वाले माल की आमद रुक जाने से दोपहिया वाहनों के कलपुर्जों में भारी कमी आने के परिणाम स्वरूप दिल्ली की ...

अमृतसर (इन्द्रजीत) : चीन से आने वाले माल की आमद रुक जाने से दोपहिया वाहनों के कलपुर्जों में भारी कमी आने के परिणाम स्वरूप दिल्ली की मंडियों में अब राजकोट से बने हुए पार्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि राजकोट के माल की क्वालिटी में चीन के माल से बेहतर है, लेकिन महंगा माल होने से दिल्ली जैसी नैशनल कंपटीशनल मंडियों में चीन का माल अधिक बिकता था। 

जानकारी के मुताबिक दोपहिया वाहनों के इंजन पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग सबसे पहले गुजरात के राजकोट में हुई थी।  वर्ष 2010 के बाद चीन का माल अपना दबाव बनाने लगा था, लेकिन राजकोट के माल में क्वालिटी के कारण चीन का माल दूसरे नंबर पर था। इसमें 2017 में जी.एस.टी. के लागू होने के बाद जब 28 प्रतिशत का जी.एस.टी. स्लैब राजकोट की मार्कीट पर पड़ा तो गुजरात के व्यापारियों ने हाथ खींच लिए और जी.एस.टी. लागू होने के बाद ही चीन का माल दिल्ली की मंडियों में छा गया। 

वर्तमान में चीन के माल की शॉर्टेज से जैसे ही इसके रेट बढऩे लगे वैसे ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के व्यापारियों ने राजकोट के माल को पहल देनी शुरू कर दी, क्योंकि यदि चाइना से आए माल के रेट 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाते हैं तो राजकोट के माल और चीन के रेट में कोई अंतर नहीं रहेगा। ऐसी परिस्थितियों में दोबारा चीन के माल के पैर देश की मंडियों में इसलिए भी नहीं लगेंगे, क्योंकि गुजरात के राजकोट के माल की क्वालिटी चीन से कहीं अधिक बेहतर है।

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