Edited By Vatika,Updated: 14 Oct, 2025 03:27 PM

बीते समय में पंजाब में रावी और ब्यास दरिया में आई बाढ़ के कारण
गुरदासपुर (विनोद): बीते समय में पंजाब में रावी और ब्यास दरिया में आई बाढ़ के कारण कई किसानों की ज़मीनें, घर और फसलें तबाह हो गई हैं। इसी तरह ब्यास दरिया के किनारे बसे गांव दलेलपुर खेड़ा में भी जमीनें तबाह हो गई हैं। प्रभावित किसान तरसेम महाजन पुत्र ओम दत्त महाजन ने भरे मन से बताया कि गांव दलेरपुर खेड़ा के मंड क्षेत्र में उनकी लगभग 60 एकड़ ज़मीन है, जिसमें वे पापुलर और गन्ने की फसल उगाते हैं।
उन्होंने बताया कि अब उनके पापुलर के पौधों की फसल 6 साल बाद तैयार थी, जिसे वे सितम्बर-अक्तूबर महीने में बेचने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ब्यास दरिया में आई बाढ़ के कारण उनकी जमीन में लगभग 8 फीट तक पानी घुस गया, जो धुस्सी बांध से टकरा गया। ज़मीन में बने उनके कमरे वगैरह भी पानी में डूब गए।
उन्होंने बताया कि जब बारिश रुकी और ब्यास दरिया का जलस्तर कम हुआ तो उन्हें पता चला कि उनकी लगभग 8 एकड़ जमीन और 3000 से ज्यादा पापुलर के पौधे, जिन्हें उन्होंने बेटों की तरह उगाया था, दरिया में बह गए हैं। पापुलर के पेड़ों की कीमत लगभग 90 लाख रुपए थी, जबकि 8 एकड़ ज़मीन की कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपए थी। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर उन्हें लगभग 3.50 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने कहा कि अभी तक कोई भी केन्द्रीय मंत्री, पंजाब सरकार का मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी आदि मौका देखने नहीं पहुंचा है और न ही कोई समाजसेवी संस्था प्रभावित किसानों का दुख समझने पहुंची है। उन्होंने केन्द्र, पंजाब सरकार और समाजसेवी संस्थाओं से मांग की कि इतने बड़े नुकसान की भरपाई के लिए उनकी ओर से हरसंभव मदद के अलावा, गांव दलेरपुर खेड़ा के धुस्सी स्थित बुर्जी संख्या 22-23 के सामने तारों और पत्थरों से 300 मीटर लंबा तटबंध बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी बाढ़ जैसी घटना न घटे।