Edited By Subhash Kapoor,Updated: 31 Aug, 2026 07:42 PM

बठिंडा के बाबा फरीद नगर से 20 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए विश्वनाथ की लाश सोमवार को तलवंडी साबो के गांव जीवन सिंह वाला के पास लसाड़ा ड्रेन से बरामद होने के बाद मामला गरमा गया है। लाश की हालत बेहद खराब थी।
बठिंडा (विजय वर्मा) : बठिंडा के बाबा फरीद नगर से 20 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए विश्वनाथ की लाश सोमवार को तलवंडी साबो के गांव जीवन सिंह वाला के पास लसाड़ा ड्रेन से बरामद होने के बाद मामला गरमा गया है। लाश की हालत बेहद खराब थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विश्वनाथ का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनू महेश्वरी के अनुसार, मृतक के पैर रस्सियों से बंधे हुए थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।
सूचना मिलने पर तलवंडी साबो पुलिस मौके पर पहुंची और सहारा क्लब तलवंडी साबो के हैप्पी सिंह तथा समाजसेवी सोनू महेश्वरी के सहयोग से लाश को ड्रेन से बाहर निकलवाया गया। मृतक के बेटे सक्षम ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसका आरोप है कि उसके पिता को 20 अगस्त को घर से अगवा किया गया था और परिवार के पास कथित अपहरण से जुड़े सबूत भी मौजूद थे। इतना ही नहीं, पुलिस को कथित आरोपियों के नाम भी बताए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें तलाशने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
सक्षम ने आरोप लगाया कि मामले में एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी की भूमिका भी संदिग्ध है, जहां उसके पिता मैनेजर के तौर पर काम कर चुके थे। उसका कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते गंभीरता दिखाई होती तो शायद उसके पिता की जान बच सकती थी।
एस.पी. (एच) बठिंडा मनोज गोर्सी ने बताया कि 20 अगस्त को थाना सदर बठिंडा में बाबा फरीद नगर निवासी विश्वनाथ के लापता होने का मामला दर्ज किया गया था। अब उसकी लाश जीवन सिंह वाला ड्रेन से बरामद हुई है। परिजनों का आरोप है कि अगर शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो आज विश्वनाथ की लाश बरामद करने की नौबत नहीं आती। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विश्वनाथ को घर से कौन और क्यों ले गया, उसके पैर किसने बांधे और उसकी लाश को ड्रेन में किसने फेंका? पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं।
