लुधियाना में जानलेवा गड्ढे ने ली एक और जान, एक्टिवा सवार की दर्दनाक मौ+त

Edited By Vatika,Updated: 30 Sep, 2026 09:12 AM

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शहर की जर्जर और बदहाल सडक़ें आम जनता के लिए काल साबित हो रही हैं।

लुधियाना(राज): शहर की जर्जर और बदहाल सडक़ें आम जनता के लिए काल साबित हो रही हैं। प्रशासनिक उपेक्षा और नगर निगम व संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते एक और हंसते-खेलते परिवार का जीव चला गया। दर्दनाक हादसा सेक्टर-32 मंदिर के पास की मुख्य सडक़ पर पेश आया, जहां सडक़ के बीचों-बीच बने गड्ढे की चपेट में आकर एक्टिवा सवार 57 वर्षीय ज्योतिषी विनोद जोशी की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। सडक़ हादसे की इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष फैल गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 57 वर्षीय विनोद जोशी ताजपुर रोड पर सेंट्रल जेल के पास अपने परिवार के साथ रहते थे। वह पेशे से एक ज्योतिषी थे। उनका मुख्य कार्यालय हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के धर्मपुर में स्थित था, जहां वे हफ्ते में तीन दिन ज्योतिष परामर्श देने जाते थे और बाकी दिन लुधियाना में परिवार के साथ बिताते थे। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे वह रोजमर्रा की तरह घर की जरूरत का कुछ आवश्यक सामान खरीदने के लिए अपनी होंडा एक्टिवा पर सवार होकर नजदीकी बाजार के लिए निकले थे। परिजनों के मुताबिक, जैसे ही वे सेक्टर-32 मंदिर के पास वाली सडक़ से गुजरे, उनकी एक्टिवा का पहिया अचानक सडक़ के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढे में फंस गया। पहिया धंसते ही एक्टिवा का संतुलन बुरी तरह बिगड़ गया और वह तेज झटके के साथ सडक़ पर दूर जा गिरे। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आने के कारण वह सडक़ पर गिरकर बुरी तरह तड़पने लगे।

हादसे के तुरंत बाद सडक़ से गुजर रहे लोगों में से किसी ने भी उन्हें समय पर उठाने या अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। हादसे के कुछ ही मिनटों बाद मृतक विनोद जोशी का सगा भतीजा गौरव घरेलू उपयोग का गैस सिलेंडर लेने के लिए उसी रास्ते से गुजर रहा था। सडक़ पर भीड़ और एक व्यक्ति को लहूलुहान अवस्था में तड़पते देख गौरव रुक गया। जब उसने नजदीक जाकर देखा, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई; घायल व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि उसके अपने सगे चाचा विनोद जोशी थे। गौरव ने बिना समय गंवाए लोगों की मदद से उन्हें तुरंत संभाला और निजी वाहन के जरिए लुधियाना के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अत्यधिक खून बह जाने और गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके की खस्ताहाल सडक़ों और जानलेवा गड्ढों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बेकसूर की जान न जाए।

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