जारी रहेगा लोगों की जान से खेलने का खिलवाड़

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Tuesday, June 20, 2017-2:05 PM

जालंधर(पाहवा) : सुप्रीम कोर्ट के आदेश जिसके तहत सभी राष्ट्रीय राजमार्गों व स्टेट हाईवेज पर 500 मीटर के क्षेत्र में शराब की बिक्री व शराब परोसने पर बैन लगाए जाने को कहा गया था लेकिन राज्य सरकार ने इस समस्या का हल निकाल लिया है। पंजाब मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय और प्रांतीय मार्गों पर स्थान निर्धारित करने और मार्गों के 500 मीटर घेरे में होटलों, रैस्टोरैंट्स व क्लबों को शराब परोसने की पाबंदी से हटाने के लिए पंजाब आबकारी अधिनियम-1914 की धारा-ए में संशोधन करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। लेकिन यह भी तय है कि राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के 500 मीटर घेरे में कोई भी खुदरा ठेका नहीं होगा।

परन्तु यह प्रतिबंध राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर स्थित होटलों, रैस्टोरैंट्स तथा क्लबों पर लागू नहीं होगा जिससे राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर लोगों की जान से खेलने का खिलवाड़ जारी रहेगा। मंत्रिमंडल ने इस संबंध में संशोधन बिल- 2017 के खरड़े को हरी झंडी दे दी है जिसे कानून बनाने के लिए वर्तमान बजट सत्र में पेश किया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य के मुख्य मार्गों पर स्थित होटलों, रैस्टोरैंट्स व क्लबों के मालिकों ने विभाग के आगे गुहार लगाई थी लेकिन मामला अदालत से संबंधित होने के कारण विभाग ने इस मामले में कुछ भी राहत देने से इन्कार कर दिया था।

विभाग ने एक अप्रैल के बाद राज्य में अवैध तौर पर हाईवेज पर होटलों, रैस्टोरैंट्स व क्लबों इत्यादि में शराब परोसने को लेकर शिकायत आने पर कार्रवाई भी की थी। जालंधर में भी इस प्रकार की कार्रवाई कुछ बार्स पर की गई थी। 

अदालत की चिंता शराब पीकर वाहन चलाने पर 
मार्च 2013 में सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों को जारी एक एडवाइजरी में वर्ष 2011 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किए गए अध्ययन जारी किया गया था। इसमें बताया गया था कि उस साल कुल 4.9 लाख सड़क हादसों में 1.42 लाख लोगों की जानें गईं। इनमें से 24,655 दुर्घटनाएं नशे में वाहन चलाने की वजह से हुईं। इस कारण 10,553 लोगों की जान गई और 21,148 लोग जख्मी हुए। 40 फीसदी मामलों में हादसों की वजह तेज रफ्तार को माना गया।

2015 में हुए एक अध्ययन में भी कहा गया कि चालकों के नशे में होने की वजह से 16,298 सड़क हादसे हुए जिनमें उस साल 6,755 लोगों की जानें गईं। चालकों की गलतियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं में 4.2 और 6.4 फीसदी हिस्सा शराब पीकर गाड़ी चलाने या नशीली दवाओं के इस्तेमाल का था। इनमें से कुछ का दोष तो राजमार्गों के निकट शराब की आसान उपलब्धता को दिया जा सकता है। 

मैरिज व पार्टी पैलेसों पर स्थिति साफ नहीं
पंजाब आबकारी अधिनियम-1914 की धारा-ए में संशोधन के के प्रस्ताव जिसके तहत राष्ट्रीय और प्रांतीय मार्गों पर स्थान निर्धारित करने और मार्गों के 500 मीटर घेरे में शराब परोसने की पाबंदी से होटलों, रैस्टोरैंट्स और क्लबों को हटा दिया जाएगा को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है लेकिन इस मामले में मैरिज व पार्टी पैलेसों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इस मामले में होटलों, रैस्टोरैंट्स व क्लबों का तो जिक्र किया गया है लेकिन पैलेसों बारे जिक्र नहीं है। 

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