खैहरा का ड्रग मामला अदालत के विचाराधीन, सी.बी.आई. को केस देने की जरूरत नहीं : कैप्टन

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Tuesday, December 05, 2017-4:36 PM

जालंधर (धवन): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा है कि विपक्षी नेता सुखपाल सिंह खैहरा का ड्रग मामला अदालत के विचाराधीन है इसलिए इसे सी.बी.आई. को जांच के लिए सौंपने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खैहरा वास्तव में यह मामला सी.बी.आई. को सौंपने की मांग इसलिए कर रहे हैं ताकि वह हीरो बन सकें पर राज्य सरकार उनके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि फाजिल्का अदालत इस मामले को पहले ही देख रही है। उसके बाद यह मामला हाईकोर्ट गया तथा उसके बाद सुप्रीमकोर्ट ने इस पर स्टे दिया। आगे जब भी यह मामला अदालत में विचारा जाएगा तो हमें अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खैहरा को वह लम्बे समय से जानते हैं। वह जल्द ही अपना आपा खो बैठते हैं। यह अच्छी लीडरशिप की पहचान नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने सियासी क्षेत्र में अच्छा नेता बनना है तो उन्हें संयम व सहनशीलता सीखनी होगी। 

 

कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी में विधानसभा चुनाव से पूर्व चढ़त कुछ समय के लिए अवश्य आई थी परन्तु जल्द ही लोगों को इस पार्टी की असलियत का पता चल गया। उन्होंने कहा कि पंजाब में हमेशा 2 पार्टी सिस्टम चला आ रहा है जो आगे भी जारी रहेगा। बीच-बीच में तीसरी पार्टी ने उभरने की अवश्य कोशिशें की परन्तु अतत:वह लुप्त हो गई। ऐसा ही आम आदमी पार्टी के साथ राज्य में होने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पंजाब में कांग्रेस को पसंद कर रहे हैं इसलिए गुरदासपुर लोकसभा सीट के उप चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने रिकार्ड 1.90 लाख मतों से चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि पंजाब की आॢथक स्थिति तंग चल रही है जिसके लिए पूर्व अकाली सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। पूर्व सरकार 2.61 लाख करोड़ का कर्जा छोड़ कर गई परन्तु मौजूदा कांग्रेस सरकार धीरे-धीरे सारे सिस्टम को ठीक करने में लगी हुई है। राज्य में 12000 करोड़ का राजस्व घाटा भी चल रहा है। राज्य सरकार अब हर सप्ताह अपनी आमदनी को बढ़ाने के स्रोत्रों को ढूंढने में जुटी हुई है। 
 

2019 में कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठजोड़ करे
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा है कि 2019 में कांग्रेस को केंद्र में सत्ता में आने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठजोड़ करना चाहिए। चाहे इसका निर्णय पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में होगा परन्तु उनका व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि मिलकर लडऩे से ही अच्छी कामयाबी पार्टी को मिल सकती है।  उन्होंने कहा कि अगला मुकाबला राहुल गांधी बनाम मोदी में ही होगा। स्पष्ट है कि भाजपा की ओर से मोदी पी.एम. पद का चेहरा होंगे। 

 

मोदी सरकार के साथ काम करने में दिक्कत नहीं
कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ काम करने में उनकी सरकार को कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने 2002 से 2007 तक अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के साथ भी काम किया था। अब सरकारी तौर पर वह प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली व गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लगातार बैठकें करते आ रहे हैं। सरकारी तौर पर ठीक है परन्तु पार्टी स्तर पर दोनों सियासी दलों की विचारधारा अलग-अलग है। हम सियासी तौर पर अपना काम कर रहे हैं तथा भाजपा अपना। 
 

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