Edited By Vatika,Updated: 04 Apr, 2025 02:47 PM

मजदूर वर्ग, दैनिक वेतन भोगी, सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेघर लोग भी जल्दी इसके
पंजाब डेस्क: पंजाब में भीषण गर्मी का कहर बढ़ना शुरू हो गया है। अप्रैल का महीना शुरू होते ही राज्य भर में गर्मी झुलसने लगी है। हालात अभी से ही ये बने हुए हैं कि तेज धूप और गर्मी के कारण लोग बेहाल होने लगे हैं। फिलहाल बरसात पड़ने के कोई आसार नहीं होने के कारण आने वाले दिनों में हालात और भी बुरे होने की संभावना है। गर्मी बढ़ने के कारण दोपहर के समय सड़कें भी सुनसान पड़ने लगी हैं।
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में तैनात मौसम विभाग की माहिर डाक्टर पवनीत कौर किंगरा ने बताया कि जिला लुधियाना में दिन के समय तापमान 33.4 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया है जबकि रात के समय तापमान 14.8 डिग्री सैल्सियस बना हुआ है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल आने वाले दिनों में बरसात होने की कोई संभावना नहीं है। इस बीच देर शाम को ठंडी हवाएं चलने के कारण मौसम सुहावना बन गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है कि गर्म हवाएं न केवल हमारी प्यास बढ़ाती हैं बल्कि हमारे शरीर, विशेषकर हमारी आंखों और त्वचा को भी पूरी तरह झुलसा देती हैं।
जब बहुत अधिक गर्मी पड़ती है, तो हमारा शरीर पसीने के रूप में गर्मी छोड़ता है और तापमान को नियंत्रण में रखता है। जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है।एक निश्चित सीमा के बाद हमारे शरीर का यह सिस्टम काम करना बंद कर देता है और शरीर बाहर के तापमान जितना गर्म हो जाता है। जिसे हीटस्ट्रोक या तापघात कहते हैं। लोग आमतौर पर इसे हल्के में लेते हैं। बच्चों से लेकर वयस्कों तक, मोटापे से पीड़ित लोगों, हृदय रोगियों, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों और शरीर के रसायनों या रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली कुछ दवाएं लेने वाले लोगों को हीटस्ट्रोक का सबसे अधिक खतरा होता है। इसके अलावा मजदूर वर्ग, दैनिक वेतन भोगी, सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेघर लोग भी जल्दी इसके शिकार बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हीटस्ट्रोक का अधिक खतरा होता है।