'केंद्र व पंजाब आमने-सामने,GST के 3500 करोड़ रुपए देने में देरी विरोधी फैसला'

  • 'केंद्र व पंजाब आमने-सामने,GST के 3500 करोड़ रुपए देने में देरी विरोधी फैसला'
You Are HerePunjab
Monday, December 04, 2017-9:12 AM

चंडीगढ़/जालंधर (धवन): जी.एस.टी. के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार तथा पंजाब कांग्रेस में टकराव शुरू हो गया है। केंद्र द्वारा पंजाब सरकार को जी.एस.टी. का बनता हिस्सा देने में देरी करने से पंजाब में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा पंजाब की कै. अमरेन्द्र सिंह सरकार को अपने कर्मचारियों को मासिक वेतन का भुगतान करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसे देखते हुए पंजाब कांग्रेस कमेटी ने आज केंद्र की मोदी सरकार पर सियासी हमला बोल दिया है। पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उसने जी.एस.टी. का हिस्सा देने में देरी कर गरीब विरोधी फैसला लिया है। केंद्र की भाजपा सरकार वास्तव में गैर-भाजपा सरकारों को वित्तीय तौर पर तंग कर रही है तथा साथ ही केंद्र सरकार ई.डी. तथा सी.बी.आई. का अपने हितों के लिए दुरुपयोग कर रही है।

 


जाखड़ ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार अपने विरोधियों को तंग करने के लिए प्रत्येक हथकंडा अपना रही है। पंजाब में कै. अमरेन्द्र सिंह सरकार को तंग करने के लिए अकालियों के इशारे पर रची गई साजिश अब बेनकाब हो गई है। 


उन्होंने कहा कि पहले तो जी.एस.टी. को देश में इस तरह से लागू किया गया जिससे व्यापारियों व उद्यमियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जी.एस.टी. की ऊंची दरें लागू कर मोदी सरकार ने व्यापार व उद्योग विरोधी फैसला लिया। जब व्यापारियों का दबाव बढ़ा तो जी.एस.टी. की दरों में संशोधन किया गया। 


जाखड़ ने कहा कि पंजाब के लगभग 3500 करोड़ रुपए केंद्र ने रोक रखे हैं। मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह बार-बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली से गुहार लगा रहे हैं कि पंजाब को जी.एस.टी. का बनता हिस्सा तुरन्त रिलीज किया जाए पर अब केंद्र कह रहा है कि यह हिस्सा अगले वर्ष दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र से जी.एस.टी. का हिस्सा न मिलने के कारण पंजाब सरकार को गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करने में मुश्किलें आ रही हैं। सरकार तो बड़ी मुश्किल से अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर रही है। अगर राज्यों की अर्थव्यवस्था व आॢथक स्थिति को मजबूत करना है तो उसके लिए केंद्र को जी.एस.टी. की राशि तुरन्त रिलीज करनी होगी। 


उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जी.एस.टी. को सही ही गब्बर सिंह टैक्स की संज्ञा दी थी, क्योंकि राहुल गांधी को भी पता था कि इससे राज्यों की आॢथक स्थिति कमजोर होगी। जाखड़ ने कहा कि ई.डी. तथा सी.बी.आई. का केंद्र सरकार गैर-भाजपा सरकारों के खिलाफ दुरुपयोग कर रही है।  

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन