सरकारी ग्लूकोज प्लांट पर संकट के बादल

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Tuesday, July 18, 2017-9:39 AM

अमृतसर (दलजीत): गुरु नानक देव अस्पताल के सरकारी ग्लूकोज प्लांट पर संकट के बादल छा गए हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अमृतसर के जिला ड्रग कंट्रोलर को उक्त प्लांट में भारी त्रुटियां होने के कारण उसे बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। मंत्रालय के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन प्लांट को दोबारा शुरू करवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।  
जानकारी अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गुरु नानक देव अस्पताल के मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपए की मशीनरी खरीद कर अस्पताल में राज्य का पहला सरकारी ग्लूकोज प्लांट लगाया गया था। 

प्लांट में मरीजों के लिए डैक्सट्रोज 5 प्रतिशत, डैक्सट्रोज 10 प्रतिशत, नार्मल सैलाइन, डी.एन.एस. इत्यादि तरह का ग्लूकोज बनता था। यह ग्लूकोज मरीजों को फ्री दिया जाता था। पिछले लम्बे समय से उक्त ग्लूकोज प्लांट काम नहीं कर रहा। अस्पताल प्रशासन द्वारा प्लांट में आई त्रुटियों को ठीक न करवाने के कारण स्वास्थ्य विभाग का ड्रग कंट्रोल विभाग लाइसैंस को रीन्यू नहीं कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ड्रग इंस्पैक्टर अभिनव कपूर तथा अंकुर ने ग्लूकोज प्लांट का निरीक्षण किया था। 

निरीक्षण के दौरान भारी खामियां उभर कर सामने आईं। अधिकारियों ने पंजाब ड्रग कंट्रोल विभाग को दिए गए निर्देशों में कहा है कि प्लांट का लाइसैंस रीन्यू न किया जाए तथा इसे बंद करवा दिया जाए। निर्देशों के बाद पंजाब ड्रग कंट्रोल विभाग प्लांट में आई त्रुटियों संबंधी संक्षिप्त सूची बना रहा है। मौजूदा समय की बात करें तो गुरु नानक देव अस्पताल में नार्मल सैलाइन, डैक्सट्रोज इत्यादि किस्म के ग्लूकोज की कमी है।

मरीजों को मुफ्त मिलने वाला ग्लूकोज पैसे देकर खरीदना पड़ रहा है। ग्लूकोज पिछले लम्बे समय से बंद है परन्तु अभी भी कुछ कर्मचारी प्लांट में तैनात हैं तथा वेतन प्राप्त कर रहे हैं। शुरू करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। मैडीकल शिक्षा तथा खोज विभाग के उच्च अधिकारियों के ध्यान में मामला है। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही त्रुटियां ठीक हो जाएंगी तथा प्लांट मरीजों को सुविधा देने के लिए तैयार हो जाएगा। 

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