ठंड के प्रकोप के कारण आंगनबाड़ी सैंटरों के बच्चों की जिंदगी खतरे में!

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Saturday, December 17, 2016-8:51 AM

जालंधर (पांडे, वरियाणा): एक तरफ प्रदेश सरकार बाल विकास प्रोजैक्ट के तहत आंगनबाड़ी सैंटरों में बच्चों को हर तरह की सुविधा देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उक्त सैंटरों का समय समय तबदील न करने के कारण बच्चों की जिंदगी ठंड के प्रकोप कारण खतरे में दिखाई दे रही है। इस संबंध में जब पंजाब केसरी टीम ने गांव फिरोज बस्ती इब्राहिम खां, सफीपुर गिल्लां आदि का दौरा किया तो देखा कि बच्चे दरियों पर बैठे कांप रहे थे और प्रशानस कुंभकर्णी नींद सोया दिखाई दिया।


गांव सफीपुर के आंगन बाड़ी सैंटर में ठुठुर रहे थे बच्चे 
पंजाब केसरी टीम ने राज गायक तथा भाजपा के नेता हंस राज हंस के गांव सफीपुर के आंगन बाड़ी सैंटर का दौरा किया तो देखा कि उक्त सैंटर में पहले के मुकाबले पहले ही बच्चे कम आए थे वह भी कमरे के बाहर छोटे से बरामदे में पल्ली जैसे चादर के ऊपर बैठे ठुठुर रहे थे सैंटर हैल्पर ने बताया कि अध्यापक के किसी रिश्तेदार ने मौत हो गई है जिसके कारण वह अफसोस करने गई है जल्द आ जाएगी उसने बताया कि ठंड के कारण ज्यादातर बच्चे आए नहीं।


प्रशासन को चाहिए आंगनबाड़ी सैंर का भी समय बदले या छुट्टियां करे : सोहल
इस संबंध में पिंड संगल सोहल के नम्बरदार बलजीत सिंह सोहल ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह बाकी स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी स्कूलों के समय में भी तबदीली करे। उन्होंने बताया कि उक्त आंगनबाड़ी सैंटर प्रात 9 बजे लगते हैं ठंड के इस प्रकोप में बच्चों का आंगनबाड़ी सैंटर आने का मतलब उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करना है इसलिए उक्त सैंटरों का समय बदला जाए या कुछ दिनों के लिए छुट्टियां कर दी जाए।

सरकार को वोटों का पता बच्चों की सेहत का ख्याल नहीं : भजन गुरमीत
पिंड चमियारा के नम्बरदार भजन सिंह, पूर्व सरपंच गुरमीत सिंह का इस संबंध में कहना था कि सरकार को वोटे लेने का पता पर आंगनबाड़ी सैंटरों में पढऩे वाले बच्चों की सेहत का ख्याल नहीं उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सैंटर में जिस तरह बच्चे ठंड के इस प्रकोप में दरियों, पल्लियों आदि पर बैठे के पढ़ रहे है उस कारण उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है इस लिए प्रशासन तथा सरकार को इस ओर गम्भीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

समय बदलने के लिए डी.सी. से मांग करेंगे
सी.डी.पी.ओ. गीता रानी ने पूछने पर बताया कि ठंड के प्रकोप को देखते हुे वे डी.सी. साहिब से समय में तबदीली बारे मांग करेंगे ताकि बच्चों की सेहत खराब न हो सके। कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन अब देखना है कि आंगनबाड़ी सैंटरों में बच्चों की अच्ची सेहत के लिए खुराक व अन्य सामग्री मुहैया करने वाली सरकार तथा प्रशासन उनकी सेहत प्रति कितनी गम्भीर है।

बस्ती इब्राहिम खां ठंडी दरी पर बैठे बच्चे: जब पंजाब केसरी टीम ने बस्ती इब्राहिम खां के आंगनबाड़ी सैंटर का दौरा किया तो देखा कि 16 में से करीब 9 बच्चे ही आए थे वह भी ठंड के इस प्रकोप में ठंडी दरियों पर बैठे कांप रहे थे मौके पर उपस्थित अध्यापक ने बताया कि ठंड के कारण बच्चे नहीं आ रहे हैं और कुछ को उनके अभिभावक नहीं भेज रहे हैं।

पिंड गिल्ला में अध्यापक लेने गई बच्चों की खुराक: पिंड गिल्ला के आंगनबाड़ी सैंर का दौरा किया तो देखा कि वह दो सैंटर है जिनमें से एक सैंटर अध्यापक करीबी पिंड संगल सोहल में बच्चों के लिए खुराक लेने गई है । इस सैंटर में तीन बच्चे हाजिर थे जबकि यहां 2, 13 बच्चे आते हैं उक्त दोनों सैंटरों में जो बच्चे हाजिर थे  भी फर्श पर बिछाई दरियों पर बैठ ठुठुर रहे थे।

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