अमरीकी कम्पनी ने पंजाब में गैस पावर प्लांट लगाने की पेशकश की

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Friday, October 13, 2017-3:24 AM

जालंधर(धवन): राज्य में सरकार द्वारा औद्योगिक वातावरण को सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदमों को देखते हुए अमरीकी कम्पनी जनरल इलैक्ट्रिक (जी.ई.) ने पंजाब में 2400 मैगावाट का गैस आधारित पावर प्लांट लगाने की पेशकश की है ताकि खपतकारों को 4.81 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली की सप्लाई की जा सके। 

कम्पनी के पदाधिकारियों ने वीरवार को मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह से मुलाकात करके उक्त पेशकश की जिसके बाद मुख्यमंत्री ने 4 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है जिसे 15 दिनों में समूचे प्रस्ताव पर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जी.ई. कम्पनी के सी.ई.ओ. दीपेश नंदा ने व्यापक प्रस्ताव अगले 15 दिनों में पेश करने की बात कही। मुख्यमंत्री द्वारा गठित कमेटी में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव ए. वेणुप्रसाद, पंजाब पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के डायरैक्टर (जैनरेशन) एम.आर. प्रहार तथा डायरैक्टर फाइनांस एस.सी. अरोड़ा के अलावा अतिरिक्त सी.ई.ओ. इनवैस्ट रजत अग्रवाल को बतौर संयोजक बनाया गया है। 

कमेटी द्वारा मुख्यमंत्री को बताया जाएगा कि गैस आधारित पावर प्लांट लगाने के लिए आई.पी.पी. या ई.पी.सी. में से कौन-सा माडल अपनाया जाए। प्लांट लगाने के लिए स्थान के चयन संबंधी भी सिफारिश की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रोपड़ के निकट प्लांट लगाने की बात कही है क्योंकि वहां लगा थर्मल प्लांट 35 वर्ष पुराना हो चुका है। जी.ई. कम्पनी ने राज्य के किसी भी स्थान पर गैस आधारित प्लांट लगाने की पेशकश की है ताकि उद्योगों को सस्ती बिजली दी जा सके। कम्पनी ने राज्य के साथ मिलकर लुधियाना, अमृतसर या किसी अन्य स्थान पर भी गैस आधारित पावर प्लांट लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। 

मुख्यमंत्री मानते हैं कि प्रस्तावित गैस प्लांट से राज्य सरकार के कंडी क्षेत्र को इंडस्ट्रीयल जोन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही शिवालिक की पहाडिय़ों के निकट भी उद्योगों को स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। कमेटी को कहा गया है कि वह लुधियाना तथा अमृतसर में बिजली के भारी लोड को देखते हुए वहां पावर प्लांट लगाने की संभावनाओं का पता लगाए। कम्पनी ने इस समय देश भर में 150 गैस पावर प्लांटों में 275 गैस ट्रबाइनें लगाई हुई हैं। गैस पावर प्लांट के लिए 35 एकड़ से कम जमीन की जरूरत होती है तथा साथ ही इसे 20 महीनों में पूरा किया जा सकता है जबकि थर्मल प्लांटों को लगाने में 48 महीनों का समय लगता है। 

कैलाश सत्यार्थी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की
भारत यात्रा पर निकले कैलाश सत्यार्थी ने वीरवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से मुलाकात की। कैलाश सत्यार्थी को 2014 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने सत्यार्थी को भरोसा दिया कि पंजाब को बच्चों के लिए सुरक्षित राज्य के रूप में माडल स्टेट के तौर पर उभारा जाएगा। राज्य में बच्चों के हितैषी पुलिस थाने स्थापित होंगे। बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

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