लुधियाना में पार्किंग ठेकों पर घमासान, एक्सटेंशन और ओवरचार्जिंग को लेकर घिरा निगम

Edited By Urmila,Updated: 03 Oct, 2026 11:54 AM

uproar over parking contracts in ludhiana

नगर निगम की तहबाजारी ब्रांच द्वारा पार्किंग साइटों के नए सिरे से टेंडर लगाने की बजाय पिछले करीब 3 वर्षों से मौजूदा ठेकेदार को लगातार एक्सटैंशन दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

लुधियाना (हितेश): नगर निगम की तहबाजारी ब्रांच द्वारा पार्किंग साइटों के नए सिरे से टेंडर लगाने की बजाय पिछले करीब 3 वर्षों से मौजूदा ठेकेदार को लगातार एक्सटैंशन दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्किंग साइटों पर ओवरचार्जिंग समेत ठेकेदार के खिलाफ मिल रही शिकायतों के बावजूद नई टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं होने से निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पार्किंग साइटों के संचालन में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

बताया जा रहा है कि ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और उसे ब्लैकलिस्ट करने संबंधी मुद्दे भी उठ चुके हैं। इसके बावजूद एफएंडसीसी की मंजूरी के बाद भी पार्किंग साइटों को नए सिरे से ठेके पर देने के लिए टेंडर नहीं लगाए गए। आरोप है कि इससे नगर निगम को संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है। नई टैंडर प्रक्रिया में अधिक बोली मिलने की संभावना के बावजूद हर साल मामूली बढ़ोतरी के साथ एक्सटेंशन दिए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

अफसरों से लेकर नेताओं तक ‘सेटिंग’ का आरोप

पार्किंग साइटों के नए टेंडर न लगाए जाने को लेकर अफसरों और नेताओं के बीच कथित ‘सैटिंग’ की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। आरोप है कि एरिया के हिसाब से कथित तौर पर रकम तय है, जिसके कारण संबंधित क्षेत्रों की पार्किंग साइटों में ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही। जोन-ए की तहबाजारी ब्रांच के अधिकारियों पर मल्टी स्टोरी पार्किंग की नियमित चैकिंग नहीं करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

एक्सटेंशन के फैसले से करोड़ों के राजस्व नुकसान का दावा

आरोप है कि तीन वर्षों से पार्किंग साइटों के लिए नए टैंडर नहीं लगाने और एक ही ठेकेदार को एक्सटैंशन देने से नगर निगम को करोड़ों रुपए के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ है। शिकायतकर्त्ताओं के अनुसार नई टैंडर प्रक्रिया में कई कंपनियों के हिस्सा लेने से अधिक बोली मिलने की संभावना रहती है, जबकि मौजूदा व्यवस्था में हर साल मामूली बढ़ोतरी के साथ एक्सटैंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है।

रेहड़ियों से अवैध वसूली और शर्तों के उल्लंघन के आरोप

नगर निगम की पार्किंग साइटों में ठेकेदार द्वारा निर्धारित शर्तों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। शिकायतों के अनुसार फिरोज गांधी मार्केट, सराभा नगर, बीआरएस नगर और भदौड़ हाऊस की पार्किंग साइटों में लगने वाली रेहड़ियों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि ओवरचार्जिंग या अन्य उल्लंघनों की शिकायतों पर ठेकेदार के खिलाफ जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई का प्रावधान होने के बावजूद तहबाजारी ब्रांच की ओर से बार-बार एक्सटेंशन की सिफारिश की जा रही है।

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