NRI से Property खरीदने वालों के लिए बड़ा बदलाव! 1 अक्टूबर से नियम होंगे सख्त

Edited By Kamini,Updated: 26 Sep, 2026 09:55 AM

property from an nri

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति तथा हिंदू अविभाजित परिवार के लिए स्रोत पर कर कटौती से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

जालंधर (धवन): केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति तथा हिंदू अविभाजित परिवार के लिए स्रोत पर कर कटौती से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ये नए प्रावधान 1 अक्तूबर 2026 से लागू होंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए इंकम टैक्स बार के प्रधान सतिन्द्र पाल सिंह छाबड़ा ने बताया कि आयकर नियमों में किए गए इन संशोधनों का उद्देश्य अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदने के मामलों में स्रोत पर कर कटौती, कर भुगतान तथा संबंधित विवरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और विस्तृत बनाना है।

संशोधित नियमों के तहत स्रोत पर काटे गए कर के भुगतान एवं विवरण के लिए निर्धारित प्रपत्र संख्या 141 में नई अनुसूची-ई जोड़ी गई है। इस अनुसूची में अनिवासी विक्रेता से खरीदी गई अचल संपत्ति के संबंध में स्रोत पर काटे गए कर का लेन-देनवार विवरण प्रस्तुत करना होगा। छाबड़ा ने बताया कि इस व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार को इस प्रकार की कर कटौती के लिए अलग से टी.ए.एन. प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके स्थान पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विवरण और कर की राशि निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत की जाएगी।

नए प्रावधानों के अंतर्गत खरीदार को अनिवासी विक्रेता से संबंधित अतिरिक्त जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी। इसमें उसके विदेश स्थित पते, कर निवास प्रमाण-पत्र संख्या, कर पहचान संख्या, संपर्क दूरभाष संख्या तथा ई-मेल संबंधी जानकारी शामिल होगी। यदि अनिवासी विक्रेता के पास स्थायी खाता संख्या उपलब्ध है, तब भी उसके विदेश स्थित निवास एवं संपर्क संबंधी आवश्यक विवरण देना होगा।

नई अनुसूची-ई में विक्रेता का स्थायी खाता संख्या एवं नाम, लागू पूंजीगत लाभ की श्रेणी, संपत्ति का अनुपातिक मुद्रांक शुल्क मूल्य, पहले भुगतान की गई किस्तों की राशि, वर्तमान भुगतान की राशि, भुगतान की तारीख, जिस राशि पर कर काटा जाना है, लागू कर की दर, काटी गई कर राशि तथा कर कटौती की तारीख जैसी जानकारी देनी होगी। जहां लागू होगा, काटे गए कर की राशि में अधिभार एवं उपकर भी शामिल होंगे।

सतींदर पाल सिंह छाबड़ा, प्रधान, इनकम टैक्स बार ने कहा कि 1 अक्तूबर 2026 के बाद अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति एवं हिंदू अविभाजित परिवार को केवल कर कटौती करने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि कर कटौती से संबंधित सही एवं पूर्ण जानकारी प्रस्तुत करने पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में खरीदारों के लिए यह उचित होगा कि वे संपत्ति के भुगतान से पहले अनिवासी विक्रेता की विदेश संबंधी जानकारी, कर निवास प्रमाण-पत्र, कर पहचान संख्या तथा अन्य आवश्यक विवरण प्राप्त कर लें, ताकि स्रोत पर कर कटौती और संबंधित विवरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को समय पर एवं सही ढंग से पूरा किया जा सके।

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